
बीच चौराहे पर ऑटो चालकों की मची रहती है धमाचौकड़ी
जबलपुर (जय लोक)। शहर के मध्य में स्थित रानीताल चौराहे का यातायात बुरी तरह से अराजक हो गया है। यह अराजकता नए फ्लाईओवर के बनने से निर्मित हुई है। फ्लाईओवर के निर्माण के दौरान नीचे के भाग में यातायात किस तरह से व्यवस्थित संचालित होगा इसके लिए गंभीरता से निर्माण कार्य नहीं कराया गया। चौराहे पर लोगों को यह समझ में नहीं आता की कौन कहां किस ओर मुडऩे जा रहा है। बेतरतीब यातायात के दौरान बहुत से वाहन चालक अपने वाहन की गति भी काम नहीं करते हैं जिस वजह से हमेशा यहां दुर्घटनाओं की स्थिति बनी रहती है।

रानीताल चौक पर यातायात की अराजकता का ऐसा हाल है कि यहां पर बीच सडक़ पर ऑटो चालकों की धमाचौकड़ी मची रहती है। पूरे चौराहे पर ऑटो चालकों का कब्जा बना रहता है। खाली ऑटो भी सडक़ पर खड़े रहते हैं और सवारी को भरने की होड़ यहां ऑटो चालकों के बीच मची रहती है। रानीताल चौराहा शहर का सबसे बड़ा चौराहा माना जाता है। रानीताल चौक पर पहले च पांच रास्ते रहे हैं। लेकिन फ्लाईओवर बनने के बाद दो और नए रास्ते बना दिए गए जिससे अब यहां पर सात रास्ते हो गए हैं। जिससे बेतरतीब तरीके लोगों का आना-जाना लगा रहता है। अभी कुछ माह पूर्व यातायात पुलिस ने कुछ समय के लिए बैरिकेड्स का एक घेरा बना दिया था जिससे पूरी तरह से तो समस्या हल नहीं हुई लेकिन वाहनों की गति धीमी जरूर होती रही। लेकिन यातायात पुलिस ने बैरिकेड्स के घेरे को हटा दिया है। इस चौराहे पर कभी भी यातायात पुलिस तैनात नहीं रहती है। शाम को आफिस छूटते समय रानीताल चौराहे पर यातायात बुरी तरह से अराजक हो जाता है।

लखनऊ की भूल भुलैया को मात कर दिया
रानीताल चौराहे के अजीब यातायात ने लखनऊ की भूल भुलैया को भी मात कर दिया है किसी को कुछ समझ में नहीं आता है कि कौन किस तरफ जा रहा है और कौन किस तरफ से आ रहा है। यातायात पुलिस के अधिकारियों को रानीताल चौक के अराजक यातायात को सुधारने के लिए ठोस प्रयास करना होंगे। यदि इसी तरह का अराजक यातायात रहा आया तो इस चौराहे पर कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। इसलिए बिना किसी बड़े हादसे का इंतजार किये यातायात पुलिस को रानीताल चौक का यातायात सुधारना चाहिए ऐसी अपेक्षा लोग कर रहे हैं।

Author: Jai Lok






