
इंदौर (जयलोक)। धार की विवादित भोजशाला और कमाल मौला मस्जिद मामले में फैसला आ गया है। हिंदू पक्ष के वकील के अनुसार, भोजशाला मंदिर-कमाल मौला मस्जिद विवाद में हाईकोर्ट ने भोजशाला को हिंदू मंदिर माना है। जैन समाज और मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज की। वहीं, शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए धार शहर में फ्लैग मार्च निकाला गया है।
भोजशाला मामले में कोर्ट के फैसले में परिसर को मां वाग्देवी के मंदिर के रूप में माना गया है। फैसले के बाद धार जिले में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरी तरह सतर्क और हाई अलर्ट पर हैं।
हिंदू पक्ष का दावा- खिलजी के आदेश पर तोड़ा गया मंदिर- भोजशाला मंदिर-कमाल मौला मस्जिद विवाद में हिंदू पक्ष ने इससे पहले अदालत में दावा किया था कि परमार वंश के राजा भोज ने वर्ष 1034 में भोजशाला परिसर में देवी सरस्वती का मंदिर बनवाया था। हिंदू पक्ष के अनुसार, वर्ष 1305 में अलाउद्दीन खिलजी के आदेश पर इस मंदिर को तोड़ दिया गया और उसके अवशेषों का उपयोग कर मस्जिद का निर्माण किया गया।
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Author: Jai Lok






