Download Our App

Home » Uncategorized » वाड्रा को मिली जमानत, बोले- मैं निडर हूँ और मेरे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं

वाड्रा को मिली जमानत, बोले- मैं निडर हूँ और मेरे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं

नई दिल्ली (जयलोक)। शिकोहपुर जमीन सौदे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शनिवार को जमानत मिलने के बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के पति और बिजनेसमैन रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि वे निडर हैं और कुछ छिपाना नहीं चाहते हैं, बस ईडी को झेलना है। उन्होंने कहा कि झेलने की क्षमता है, वह सबसे बड़ी चीज है। रॉबर्ट वाड्रा ने कहा, मुझे इस देश की न्यायिक व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। मुझे पता है कि ईडी को सरकार चला रही है और ईडी सरकार के इशारों पर ही काम करती रहेगी। मुझे देश की न्यायिक व्यवस्था पर पूरा भरोसा है।
मैं हमेशा यहीं रहूंगा और सभी सवालों के जवाब दूंगा। मैं निडर हूं और मेरे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। शनिवार को रॉबर्ट वाड्रा शिकोहपुर जमीन सौदे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश हुए, जहां उन्हें कोर्ट से 50,000 रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी गई। राउज एवेन्यू कोर्ट में वाड्रा के वकील ने अपनी दलील में कहा कि इस मामले में उन्हें पहले कभी गिरफ्तार नहीं किया गया था, इसलिए उन्हें जमानत दी जानी चाहिए।
अदालत ने उनकी दलील सुनने के बाद जमानत मंजूर कर ली। मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी। दरअसल, यह पूरा मामला साल 2008 का है, जब गुरुग्राम के शिकोहपुर इलाके में करीब 3.53 एकड़ जमीन का सौदा हुआ था। ईडी का आरोप है कि इस जमीन खरीद-फरोख्त में मनी लॉन्ड्रिंग और गड़बडिय़ां हुईं। जांच एजेंसी के मुताबिक, रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड ने फरवरी 2008 में यह जमीन ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड से करीब 7.5 करोड़ रुपये में खरीदी थी। ईडी का कहना है कि इस सौदे में कई तरह की अनियमितताएं हुईं। एजेंसी के अनुसार, कंपनी के पास उस समय इतनी पूंजी नहीं थी, फिर भी जमीन खरीदी गई।

 

स्मार्ट मीटरों से भी हो रही बिजली चोरी, महज 3 दिनों में 200 से अधिक बिजली चोरी के प्रकरण आए सामने विद्युत कंपनी ने लगाया लाखों का जुर्माना

Jai Lok
Author: Jai Lok

RELATED LATEST NEWS

Home » Uncategorized » वाड्रा को मिली जमानत, बोले- मैं निडर हूँ और मेरे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं

Top Headlines

‘ऑडिटरों का ऑडिट’ क्या भगवान करेगा?

(जयलोक)।। मध्यप्रदेश शासन की ट्रेजरी में ‘इफमिस यानी इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट इन्फॉर्मशन सिस्टम’ के जरिए 600 करोड़ का घोटाला पकड़ा

Live Cricket

error: Content is protected !!