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अंतिम छोर पर बैठे आम नागरिक तक त्वरित पारदर्शी और सुलभ न्याय पहुँचाना है

न्याय प्रणाली में बिखरे हुए डिजिटल प्रयासों को एक मंच पर लाना समय की मांग-जस्टिस सूर्यकांत

जबलपुर (जयलोक)। आज का दिन न्यायायिक दृष्टि से शहर के लिए काफी खास रहा। आज देश के सबसे बड़े न्यायिक डिजिटल सुधारों के विचार-विमर्श का साक्षी जबलपुर बना। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ओर से आयोजित एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सेमिनार में भारतीय न्यायपालिका के शीर्ष नेतृत्व, विधि विद्वानों का आज शहर में जमावड़ा लगा। कार्यक्रम में भारत के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत सहित सुप्रीम कोर्ट के 9 वरिष्ठ न्यायाधीश, केन्द्रीय कानून राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस कार्यक्रम में शामिल हुए। यह कार्यक्रम आज सुबह 11 बजे सुभाषचंद्र बोस कल्चरल एंड इन्फार्मेशन सेंटर में आयोजित हुआ। इस सेमीनार का मुख्य विषय फ्रेगमेंटेशन टू फ्यूजन एम्पॉवरिंग जस्टिस वाया यूनाईटेड डिजिटल प्लेटफार्म इंटीगे्रशन रहा। राष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया।

अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को मिलेगा त्वरित न्याय-जस्टिस सूर्यकांत – कार्यक्रम में सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने संबोधित करते हुए कहा कि न्याय प्रणाली में बिखरे हुए डिजिटल प्रयासों को एक मंच पर लाना समय की मांग है। उन्होंने डिजिटल तकनीक के उद्देश्य को समझाते हुए कहा कि यह केवल कागजों को कम करना नहीं, बल्कि देश के अंतिम छोर पर बैठे आम नागरिक तक त्वरित, पारदर्शी और सुलभ न्याय पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म से मामलों के निपटारे में अभूतपूर्व तेजी आएगी। उन्होंने यह भी कहा कि वर्षों से न्याय व्यवस्था की सबसे बड़ी चुनौती विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी रही है। न्याय कार्य के लिए अलग अलग विभाग अपने स्तर पर कार्य करते हैं। जिससे अनावश्यक देरी भी होती है। अब नई डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से इन सभी विभागों को एकीकृत प्लेटफार्म से जोडऩे की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जिससे अब सूचनाओं के आदान प्रदान तेजी और आसानी से होगी।
न्यायपालिका के डिजिटल अपग्रेडेशन में राज्य सरकार हर संभव सहयोग करेगी : मुख्यमंत्री – राष्ट्रीय सेमीनार में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार न्यायपालिका के डिजिटल अपग्रेडेशन में हर संभव सहयोग के लिए तैयार है। वहीं केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने केंद्र सरकार की ओर से ‘ई-कोर्ट परियोजना’ के तहत किए जा रहे प्रयासों और भविष्य के रोडमैप को रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री के काफिले में 6 वाहन – शहर आगमन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के काफिले में आज सिर्फ 6 वाहन शामिल हुए। जो पिछले शहर प्रवासों की तुलना में शामिल हुए वाहनों में काफी कम थे। जबकि देखा जाता है कि मुख्यमंत्री के काफिले में करीब दो तीन दर्जन वाहनों का काफिला शामिल होता रहा है। काफिले में वाहनों की संख्या कम होने को लेकर कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ईधन बचाने संबंधी आव्हन को देखते हुए ही काफिले में कम वाहन शामिल हुए हैं।
ये हुए शामिल – कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा, जस्टिस पीबी वारले, जस्टिस एन कोटेश्वर सिंह, जस्टिस आलोक अराधे, मप्र हाईकोर्ट के चीफ  जस्टिस संजीव सचदेवा भी शामिल हुए।

केन्द्रीय विधि मंत्री का स्वागत
विधि जगत के आयोजन में सम्मिलित होने के लिए आज पधारे केंद्रीय विधि और न्याय राज्य मंत्री अर्जुनराम मेघवाल का डुमना विमानतल पर प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने उनका स्वागत किया।

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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