
जबलपुर (जयलोक)। संजीवनी नगर थानांतर्गत धनवंतरी नगर क्षेत्र में पूर्व सरपंच के घर पर हुई निगरानीशुदा सुरेन्द्र की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने चंद घंटों में हत्यारे को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भी पहुँचा दिया है। हत्यारा मृतक का करीबी ही निकला। जो आखिरी बार सुरेन्द्र के साथ देखा गया था। इसके साथ ही आखिरी बार फोन पर सुरेन्द्र की हत्यारे से भी बात हुई थी। खास बात यह है कि दोनों के बीच कहीं बाहर विवाद हुआ था दोनों ने जमकर शराब पी थी। जिसके बाद सुरेन्द्र को घर लाकर हत्यारे ने उसकी गला दबाकर हत्या की। वहीं इस हत्या को आत्म हत्या दर्शाने क लिए आरोपी ने उसके हाथ की नस काटी थी।
श्यामनगर निवासी 28 वर्षीय सुरेंद्र कुमार उर्फ चिंगम की लाश पूर्व सरपंच के घर में कल मिली थी। जहां मृतक केयर टेकर का काम करता था। शव के हालात देखकर शुरू से ही प्रतीत हो रहा था कि उसकी हत्या की गई है। मृतक के गले में गमछा लपटा हुआ था और हाथ में कट के निशान थे। पुलिस ने जब अपनी जाँच शुरू की तो पता चला कि सुरेन्द्र की आयुष यादव से फोन पर ज्यादा बात होती थी। पुलिस ने संदेह के आधार पर आयुष को गिरफ्तार किया और उससे पूछताछ की तो आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

आए दिन करता था मारपीट
आयुष ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि सुरेन्द्र पुराना बदमाश था जिसके खिलाफ कई मामले थाने में दर्ज है। सुरेन्द्र आए दिन उसके साथ मारपीट करता था। वारदात की रात को भी सुरेन्द्र ने शराब के नशे में उसके साथ मारपीट की थी। जिसका बदला लेने की नियत से ही उसने सुरेन्द्र की जान ले ली।

बाहर हुआ विवाद
आयुष ने बताया कि सुरेन्द्र ने पार्टी के लिए उसे घर पर बुलाया था। लेकिन उसे पहुँचने में देरी हो गई। इसलिए दोनों घर के बाहर मिले। बाहर सुरेन्द्र ने शराब के नशे की हालत में आयुष से फिर विवाद किया। जिसमें दोनों के बीच जमकर हाथापाई भी हुई। इस हाथापाई में सुरेन्द्र बेहोश हो गया। इसी बीच वहां से गुजर रहे लोगों से आयुष ने मदद माँगी और सुरेन्द्र को पूर्व सरपंच के घर तक पहुँचाया। जिसके बाद मदद करने वाले दोनों युवक अपने घर चले गए। आयुष ने मददगार युवकों से कहा था कि सुरेन्द्र की तबियत खराब है।


आत्महत्या दर्शाने काटी नस
आयुष ने पुलिस को बताया कि पूर्व सरपंच के घर पर जहां सुरेन्द्र केयर टेकर का काम करता था, जब वह उसे लेकर पहुँचा तो पहले तो गमछे से गला दबाकर उसकी हत्या की। उसके बाद इस हत्या को आत्महत्या दर्शाने के लिए उसने हाथ की नस काट दी। जिसके बाद वह भाग निकला। पुलिस जाँच के दौरान भी वह पूरी कार्रवाही पर नजर रखने के लिए शव के आसपास ही मौजूद रहा।
फोन कॉल से हुआ शक
पुलिस पूछताछ में पहले तो आरोपी झूठ बोलकर हत्या करने की बात से मुकर रहा था लेकिन जब पुलिस ने सख्ती दिखाई तो आरोपी टूट गया और पूरी बात बता दी। आरोपी तक पहुँचने में फोन कॉल ने पुलिस की काफी मदद की। पुलिस को पता चला है कि दोनों अधिकांश समय साथ बिताया करते थे। दोनों की रोजाना फोन पर बात भी होती थी। जिससे पुलिस का शक गहरा गया।
Author: Jai Lok






