
जबलपुर (जयलोक)। स्वच्छ सर्वेक्षण में देशभर में नागरिकों से फीडबैक लिया जा रहा है। मध्य प्रदेश में भी फीडबैक लेने का काम अभी भी जारी है। मध्य प्रदेश को फीडबैक देने में देश में दूसरा स्थान मिला है। महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू तथा नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने लगातार फीडबैक लेने वाले लोगों को प्रोत्साहित किया।

पहला स्थान जहां उत्तर प्रदेश को मिला वहीं दूसरा स्थान मध्य प्रदेश को मिला है। मध्यप्रदेश के 22.69 लाख लोगों ने फीडबैक दिया है। इस फीडबैक देने की खास बात यह रही है कि प्रदेश के जिन पाँच शहरों ने सबसे ज्यादा फीडबैक दिया है उनमें जबलपुर के अलावा इंदौर, भोपाल, उज्जैन और सागर शहर शामिल हैं। इन पांच शहरों में इंदौर के बाद सबसे ज्यादा फीडबैक जबलपुर ने दिए।

जबलपुर ने 3 लाख 43 हजार फीडबैक देकर प्रदेश में दूसरा मुकाम बनाया और प्रदेश की इज्जत भी बचायी है। यह संयोग रहा कि जहां मध्य प्रदेश फीडबैक देने में दूसरे स्थान पर रहा वही प्रदेश में भी जबलपुर दूसरे स्थान पर रहा है। स्वच्छता का फीडबैक देने में जबलपुर नगर निगम की पूरी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और नागरिकों से लगातार संपर्क करके उनका फीडबैक लिया है। स्वच्छ सर्वेक्षण के फीडबैक को लेकर जो आंकड़े सामने आए हैं उनमें मध्य प्रदेश के 192 नगरी निकायों में से जबलपुर, इंदौर, भोपाल और उज्जैन नगर निगम ने ही एक लाख का आंकड़ा पार किया है बाकी नगरीय निकाय और नगर निगम एक लाख के आंकड़े को भी नहीं छू सके हैं।


प्रदेश के 66 नगरीय निकाय तो ऐसे हैं जो दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके यह स्थिति तब है जब सिटीजन फीडबैक देने के लिए अभी भी अंतिम आठ दिन बचे हैं। मध्य प्रदेश में 76 नगरीय निकाय सिटिजन फीडबैक के लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाए इनमें से कई निकाय तो ऐसे हैं जो सौ का आंकड़ा भी नहीं छू सके। कई नगरीय निकाय 10 नागरिकों से भी फीडबैक नहीं दिला पाई हैं प्रदेश में 40 नगरीय निकाय स्वच्छता एप में सिर्फ एक-एक फीडबैक की दिला पाई है जिससे निकायों की उदासीनता भी साफ नजर आ रही है। लेकिन जबलपुर नगर निगम ने स्वच्छता का अभियान चला कर शहर वासियों का विश्वास जीतने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। इसी का यह नतीजा है कि शहर वासियों ने बढ़ चढक़र स्वच्छ सर्वेक्षण में फीडबैक देने में बड़ी रुचि दिखलाइ है।
Author: Jai Lok






