
बेंगलुरु। कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर सत्ता परिवर्तन की पटकथा साफ तौर पर लिखी जाती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के इस्तीफे की तेज होती अटकलों के बीच बेंगलुरु में हुई एक ब्रेकफास्ट मीटिंग ने इन राजनीतिक संकेतों को और ज्यादा हवा दे दी है। बैठक में उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार समेत सरकार के कई बड़े मंत्री शामिल हुए।

इस मौके पर डीके शिवकुमार ने सिद्दारमैया के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। जैसे ही ये तस्वीर बाहर आई सियासी मंच पर चर्चा का विषय बन गई। बता दें आज दोपहर 3 बजे सीएम सिद्दारमैया मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं और उनके स्थान पर डीके शिवकुमार को सीएम बनाए जाने की चर्चा है। दरअसल, कांग्रेस के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती केवल नेतृत्व परिवर्तन की नहीं, बल्कि राज्य में सत्ता का संतुलन बनाए रखने की है। पार्टी इस बात से भली-भांति वाकिफ है कि सिद्दारमैया सिर्फ एक मुख्यमंत्री नहीं हैं, बल्कि कर्नाटक में कांग्रेस के सबसे बड़े जनाधार वाले नेता हैं।

खासकर अहिंदा यानी अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग और दलित सामाजिक समीकरण पर उनकी बेहद मजबूत पकड़ रही है। साल 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की ऐतिहासिक जीत के पीछे भी इसी सामाजिक गठजोड़ को सबसे बड़ा कारण माना गया था। ऐसे में यदि उन्हें अचानक सत्ता से हटाया जाता है, तो पारंपरिक वोट बैंक खिसकने का डर है, यही वजह है कि डीके शिवकुमार की नजर अब इसी अहिंदा वोट बैंक पर टिकी है।


Author: Jai Lok






