
भाजपा के ही लोगों ने वायरल किया फोटो, वीडियो
जबलपुर (जयलोक)। अनुशासन के लिए हमेशा अपनी प्रतिबद्धता दिखने वाली भारतीय जनता पार्टी के कुछ कार्यकर्ता गाहे बगाहे अपनी हरकतों के कारण चर्चा में बने रहते हैं। कुछ समय पूर्व जैन समाज के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के मामले में मंडल अध्यक्ष जागृति शुक्ला एवं स्वयं को विधायक प्रतिनिधि के रूप में पेश करने वाले वरिष्ठ नेता शैलेंद्र राजपूत के विरूद्ध भारतीय जनता पार्टी ने सख्त कदम उठाते हुए अपनी प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया था। अब एक बार फिर यह दोनों निष्कासित कार्यकर्ता फिर चर्चा में उभरकर सामने आ गए हैं। भाजपा के ही लोगों के द्वारा विगत दिनों आयोजित हुए कार्यक्रमों के वीडियो और फोटो जारी किए गए हैं। जिनमें यह निष्कासित कार्यकर्ता विधायक कार्यालय में केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद का स्वागत करते और उसके बाद महिला सुरुचि भोज में सबके साथ शामिल होते नजर आ रहीं हैं।

संगठन के पदाधिकारी का कहना है कि इनका निष्कासन अभी तक वापस नहीं हुआ है। दोनों निष्कासित सदस्यों के बारे में यह भी बताया गया कि जब यह घटनाक्रम हुआ था, उसके बाद जब आचार्यश्री नगर प्रवास पर आए थे इस दौरान यह दोनों उनसे आशीर्वाद लेने भी गए थे। हालांकि जैन समाज में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर काफी नाराजगी थी और इसी नाराजगी को भांपते हुए भारतीय जनता पार्टी ने डैमेज कंट्रोल करने की नीयत से दोनों कार्यकर्ताओं के निष्कासन का कदम उठाया था।

भारतीय जनता पार्टी अनुशासन के लिए पहचाने जाने वाला राजनीतिक दल है। यहां पर किसी भी समुदाय विशेष, संगठन विशेष या पार्टी लाइन से, हटकर कार्य करने की सजा निर्धारित है। संगठन द्वारा निर्धारित की जाने वाली सजा को काफी गंभीरता से लिया जाता है।इसी गंभीरता के दायरे में संगठन किसी भी विषय में पार्टी से निष्कासित सदस्यों को अधिकृत रूप से अपने किसी भी कार्यक्रम और आंदोलन में आमंत्रित नहीं करता है। इस बार एक स्वागत का आयोजन होम साइंस रोड के पास स्थित विधायक कार्यालय में आयोजित हुआ था। मूल रूप से इस आयोजन में विधानसभा के सभी पदाधिकारी, पार्षद गण, संगठन के पदाधिकारी आमंत्रितजनों को विधायक के द्वारा केंद्रीय मंत्री से वन टू वन मिलवाया गया था।जैन समाज पर अभद्र टिप्पणी के आरोप में पार्टी से निष्कासित यह दो पूर्व पदाधिकारी कार्यक्रम में कैसे पहुंचे, किसके आमंत्रण पर पहुंचे? यह अलग चर्चा का विषय बना हुआ है।
वहीं कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह इन दोनों कार्यकर्ता की अपने राजनैतिक दल के प्रति निष्ठा का भाव है जो वे निभा रहे हैं।


इनका कहना है
संबंधित मामले में जारी हुआ निष्कासन का आदेश अभी वापस नहीं हुआ है।
– रत्नेश सोनकर, अध्यक्ष भाजपा
Author: Jai Lok






