
जबलपुर (जय लोक)। देशभर में फैले आतंकवादियों के नेटवर्क को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। इस खुलासे के मुताबिक बीएसएनएल की क्लोन मशीनों से प्रदेश के 15 जिलों में आतंकवादियों के आधार कार्ड बनाए गए हैं। इन 15 जिलों में जबलपुर सहित संभाग के 6 जिले भी शामिल हैं।

बीएसएनल के दस्तावेजों के मुताबिक आतंकवादियों का मध्य प्रदेश के कई बड़े बड़े जिलों में उनका साम्राज्य फैला हुआ रहा। जिसमें जबलपुर जिला और संभाग के बालाघाट, मंडला, नरसिंहपुर, सतना तथा छिंदवाड़ा जिला भी शामिल रहा है। जहां आतंकवादियों के आधार कार्ड बने हैं। भारत संचार निगम लिमिटेड के रिकॉर्ड में यह बात दर्ज हो चुकी है कि उसकी आधार मशीनों का अवैध इस्तेमाल किया गया है और इन मशीनों से आतंकवादियों के आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं।

जानकार बता रहे हैं कि यह खुलासा दिसंबर 2023 में बीएसएनएल को मिले एक पत्र से हुआ। इस पत्र को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा भेजा गया था। आश्चर्य इस बात पर व्यक्त किया जा रहा है कि बीएसएनएल को दिसंबर 2023 में जो पत्र मिला जिसमें आतंकवादियों के पहचान के आधार कार्ड को लेकर गंभीर जानकारी दी गई थी इस पत्र को लापरवाही का शिकार बना दिया गया और इस पर अभी तक गंभीर कार्यवाही नहीं की जा सकी है।


भारतीय संचार निगम लिमिटेड मध्य प्रदेश के महाप्रबंधक मिथिलेश कुमार का यह दावा सार्वजनिक हुआ है कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण का पत्र मिलने के बाद बीएसएनएल ने संबंधित मशीनों पर तत्काल रोक लगा दी थी और यह सुनिश्चित किया गया कि मध्य प्रदेश के अधिकार क्षेत्र की कोई भी मशीन राज्य के बाहर काम नहीं कर सकेगी। बीएसएनएल के मुख्य महाप्रबंधक से यह सवाल किया गया कि यदि मध्य प्रदेश में आतंकवादियों के आधार कार्ड बनाए जा रहे थे तो इस गंभीर मामले की फिर उनके विभाग द्वारा एफ आई आर क्यों दर्ज नहीं कराई गई, इस पर महाप्रबंधक का कहना था कि इसका जवाब केवल भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ही दे सकता है। निश्चित रूप से मध्य प्रदेश में और विशेष कर जबलपुर जिले तथा जबलपुर सहित संभाग के 5 जिलों में आतंकवादियों के आधार कार्ड वर्ष 2023 से बीएसएनएल की मशीनों से बनते रहना चिंता का और गंभीर जांच का विषय होना चाहिए।
Author: Jai Lok






