
अयोध्या। राम मंदिर में चंदा चोरी के संवेदनशील मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से करीब छह घंटे तक गहन पूछताछ की। इस लंबी पूछताछ के बाद से मामले में कुछ और लोगों पर गाज गिर सकती है उनकी गिरफ्तारी की प्रबल संभावना बढ़ गई है, जिससे इस हाई-प्रोफाइल चोरी कांड में नई परतें खुलने की उम्मीद है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पहली बार इस मामले पर बयान देते हुए चंपत राय का बचाव किया था।
एसआईटी की टीम दोपहर करीब 2:30 बजे राम मंदिर परिसर पहुंची। इससे पहले रविवार को भी चंपत राय से तीन घंटे की पूछताछ हुई थी, लेकिन इस बार की पूछताछ की अवधि दोगुनी थी, जो जांच की गंभीरता को दर्शाती है। इस बार एसआईटी का पूरा ध्यान राम मंदिर के दान प्रबंधन प्रणाली पर केंद्रित था। अधिकारियों ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों से कैश कलेक्शन, उसकी गिनती और भारतीय स्टेट बैंक के साथ बैंकिंग से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत जवाब मांगे। एसआईटी यह समझने की कोशिश कर रही है कि नकदी गिनने के लिए आउटसोर्स की गई एजेंसियों की भर्ती कैसे हुई। भारतीय स्टेट बैंक के साथ कैश मैनेजमेंट को लेकर क्या समझौता हुआ था, और किस अधिकारी को क्या जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जांच दल यह भी पड़ताल कर रहा है कि क्या कर्मियों की तलाशी, सीसीटीवी निगरानी और सुपरवाइजरी व्यवस्था ठीक से की गई थी, या फिर व्यवस्था की कमियों का फायदा उठाकर इस बड़ी चोरी को अंजाम दिया गया। इसके साथ ही भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों और आउटसोर्स एजेंसी की भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है ताकि किसी भी संभावित मिलीभगत का पता लगाया जा सके।
एकांतवास में चले गए चंपतराय
चंपत राय ने दान और चंदा में हुई गड़बड़ी के आरोप लगने के बाद पिछले हफ्ते ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। वर्तमान में वह एकांतवास में हैं और उन्होंने हाल ही में अपने करीबियों से कहा था कि अयोध्या में उनकी सेवा अब पूरी हो चुकी है और वे अपने साथ इस कलंक को लेकर नहीं जीना नहीं चाहते। सूत्रों के मुताबिक, उनका कहना है कि उनके आसपास के लोगों ने ही उन्हें धोखा दिया है। चंपत राय और अनिल मिश्रा को लेकर अगले सोमवार को अयोध्या में होने वाली ट्रस्ट की बैठक में अंतिम फैसला होने की उम्मीद है। इसी बीच, अयोध्या पुलिस ने इस मामले के एक आरोपी अविनाश शुक्ला की पहली बार 24 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड हासिल की है। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश रजत वर्मा ने शुक्ला की रिमांड मंजूर की है। पुलिस ने अविनाश के घर से 20.40 लाख रुपये नकद बरामद किए थे। अधिकारियों के मुताबिक, एसआईटी के इनपुट के आधार पर ही यह रिमांड मांगी गई थी और पूछताछ में मिलने वाली जानकारियों के आधार पर जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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Author: Jai Lok






