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पत्नियों की बेवफाई में गईं 7 पतियों की जान, बेवफाओं ने अपने 7 सुहागों को दी सजा-ए-मौत

सामने आईं पत्नियों की बेवफाई की खौफनाक दास्तानें

राकेश शुक्ला

जबलपुर (जयलोक)। बदलते परिवेश में रिश्तों के मायने भी बदलते जा रहे हैं। रिश्तों में छल, कपट धोखा आम बात हो गई है। खास तौर से पति, पत्नी और वो के चक्कर में रिश्तों के कत्ल के खौफनाक सच सामने आ रहे हैं। जहां बेवफाई के कारण पत्नियों ने प्रेमियों के साथ मिलकर पतियों को मौत के घाट उतारा है। साल 2025 से लेकर अब तक के मामलों में नजर डालें तो आप भी दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर हो जाएंगे।

शादीशुदा जोड़ों के बीच विवाद आम बात हो गई है। लेकिन अब यह विवाद खून खराबे तक पहुँच गया है। खास तौर पर बेवफा पत्नियों की वजह से पतियों की जानें जा रही हैं। शहर में भी कई ऐसी घटनाएं सामने आईं जब पत्नियों ने अपने प्रेमी या किसी अन्य कारणों की वजह से अपने पतियों की हत्या कर दी।

2025 से लेकर 2026 की शुरुआत तक पति, पत्नी और वो की उलझन ने कई परिवारों को श्मशान पहुंचा दिया है। इंदौर के राजा रघुवंशी से लेकर धार के देवकृष्ण और जबलपुर की महिला भक्त और पुजारी तक, बेवफाई की दास्तां अब रूह कंपा देने वाली है। प्यार, भरोसा और साथ निभाने की कसमें अब कई जगह साजिश, धोखा और खून से बदलती नजर आ रही हैं। एक के बाद एक सामने आ रहे मामलों ने न सिर्फ  पुलिस बल्कि समाज को भी झकझोर कर रख दिया है, हालात ऐसे बनते दिख रहे हैं कि शादी जैसे पवित्र रिश्ते में भी शक और डर ने जगह बना ली है।

 

सोशल मीडिया ने पतियों से बनाई दूरी

अधिकांश मामलों में पति पत्नी के बीच दूरी की वजह सोशल मीडिया बना है। जिसमें पत्नियाँ घंटों सोशल साइड में व्यस्त रहती हैं। इसी बीच इनकी पहचान अनजान शख्सों से होती है और बातचीत के बाद दोस्ती और बात प्यार तक पहुँच जाती है। जिसके बाद फेसबुक और इंस्टाग्राम पर शुरू हुई प्रेम कहानियां हत्या का रूप ले रही हैं।

त्रिकोण प्रेम प्रसंग में हत्याएँ

अक्सर त्रिकोणीय प्रेम कहानियों का अंत हत्या या जेल की सलाखों के पीछे होता है, जैसा कि हाल ही में इंदौर सहित कई मामलों में देखने को मिला।  आंकड़े बताते हैं कि मध्य प्रदेश में पत्नी और प्रेमियों के बीच अवैध संबंधों के कारण होने वाली हत्याओं का ग्राफ  तेजी से बढ़ा है। 2020 से 2024 के आंकड़ों के अनुसार पत्नी द्वारा पति की हत्या के 79 मामले दर्ज हुए थे, लेकिन 2025 और 2026 ने पुराने सारे रिकॉड्र्स को तोड़ दिया। लेकिन ये घटनाएं सिर्फ  बड़े शहरों तक सीमित नहीं हैं।

पारिवारिक संवाद की कमी बनी अहम वजह

विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे कई सामाजिक और मनोवैज्ञानिक कारण हो सकते हैं। मोबाइल और सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल ने लोगों को आसानी से नए रिश्ते बनाने का मौका दिया है। वहीं पारिवारिक संवाद की कमी, आपसी विश्वास का टूटना और त्वरित फैसले लेने की प्रवृत्ति भी इन अपराधों को बढ़ा रही है। इसके अलावा कई मामलों में देखा गया है कि लोग रिश्ते खत्म करने के बजाय हिंसक रास्ता चुन रहे हैं। कानूनी प्रक्रिया या आपसी बातचीत के जरिए अलग होने की बजाय हत्या जैसे गंभीर अपराध को अंजाम देना समाज के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। इन घटनाओं का एक असर यह भी दिख रहा है कि समाज में पति-पत्नी के रिश्ते को लेकर अविश्वास बढ़ रहा है।

शहर में भी कई पत्नियाँ बनी कातिल

शहर में पत्नी द्वारा पति की हत्या के कई मामले सामने आए। 24 नवंबर 2023 को मंगेली मानेगांव जाने वाली नहर के सडक़ के किनारे बरगी पुलिस को एक खून से लथपथ लाश मिली थी। जिसकी शिनाख्त बरेला के हिनोतिया गांव के रहने वाले 40 वर्षीय प्रेम सिंह मरावी के रूप में हुई थी। पुलिस को पता चला कि प्रेम सिंह ने आखिरी बार पाटन के थाना गांव निवासी विकास पटेल से बात की थी। जब विकास को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। विकास ने बताया की प्रहलाद पटेल के कहने पर विष्णु पटेल के साथ मिलकर प्रेम सिंह की हत्या की थी। आरोपी ने बताया कि प्रहलाद और मृतक प्रेम सिंह बरेला में पास स्थित खेत में काम करते हैं, इसी दौरान प्रहलाद के प्रेम सिंह की पत्नी से अवैध संबंध स्थापित हो गए। प्रेम सिंह मरावी की पत्थर पटक कर हत्या करने और हत्या की साजिश रचने वाली पत्नी सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।

पति की हत्याकर तालाब में फेंका था शव

17 जून 2025 को अधारताल इलाके में अरविंद गोटिया की लाश तालाब में मिली थी। पहले तो यह मामला डूबने से हुई मौत का लग रहा था. लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मृतक की डूबने से नहीं बल्कि चोट के कारण उसकी मौत हुई है। इसके बाद जब पुलिस ने सख्ती के साथ पूछताछ कि तो पता चला कि अरविंद की दूसरी पत्नी गणेशी बाई के बीच घटना के दिन तालाब के किनारे मारपीट हुई थी। पत्नी गनेशी बाई ने अरविंद को किसी वस्तु से गहरी चोट पहुंचा दी थी। जिससे उसकी मौत हो गई थी। इसी तरह पत्नियों द्वारा पति की हत्या के पाँच मामले और भी घटित हुए हैं।

 

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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