
बाराबंकी में शिक्षिका की लापरवाही से बच्चे की मौत
बागपत । उत्तर प्रदेश इन दिनों सांपों के खौफ और हादसों के दोहरे साए में है। एक तरफ जहां बागपत में एक ही परिवार पर सांप लगातार जानलेवा हमले कर रहा है, जिससे पूरा परिवार दहशत में है, वहीं बाराबंकी में एक स्कूल में हुई सर्पदंश की घटना और उसके बाद शिक्षिका की कथित लापरवाही ने एक सात वर्षीय मासूम की जान ले ली। इन हृदय विदारक घटनाओं ने जहां लोगों को सकते में डाल दिया है, वहीं सर्पदंश से बचाव और जागरूकता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। बागपत में सांप का आतंक, परिवार पर बार-बार हमला बागपत के बिनौली क्षेत्र से एक अजीबोगरीब और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां विनोद वाल्मीकि का परिवार एक रहस्यमयी और हमलावर सांप के खौफ में जी रहा है। परिवार वालों के मुताबिक, यह सांप उनके बच्चों का दुश्मन बन गया है। हाल ही में सोमवार शाम को विनोद की बेटी खुशी को घर के बाहर बाथरूम जाते समय सांप ने पैर में डस लिया। चीख-पुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और तुरंत उसे बिनौली सीएचसी ले गए, जहां से उसे मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। यह खुशी के साथ एक सप्ताह के भीतर दूसरी घटना है, इससे पहले 22 जुलाई को भी काम करते समय सांप ने उसके पैर में ही काटा था।
पिता विनोद वाल्मीकि की मानें तो सांप का यह कहर सिर्फ खुशी पर ही नहीं, बल्कि उसके भाई राजा पर भी है। राजा को तो बीते एक माह में पांच बार सांप डस चुका है। परिवार के सदस्य अब इतनी दहशत में हैं कि रात-रात भर जागकर गुजार रहे हैं, ताकि सांप के अगले हमले से बच्चों को बचाया जा सके। उधर, बाराबंकी के हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र देवगरपुर गांव स्थित सहावर प्राथमिक विद्यालय प्रथम में सोमवार दोपहर एक बेहद दुखद घटना घटी। तीसरी कक्षा का छात्र अंशु (7) शौचालय के बाहर घूम रहे जहरीले सांप का शिकार हो गया। प्रत्यक्षदर्शी बच्चों के अनुसार अंशु ने लघुशंका के लिए बाथरूम जाने के बाद वापस आकर महिला शिक्षा मित्र को बताया कि उसे सांप ने काट लिया है।
आरोप है कि शिक्षिका ने उसे डांटते हुए क्लास में बैठा दिया। अंशु बस्ते के पास ही लेट गया, लेकिन शिक्षिका ने उसकी बिगड़ती हालत को करीब साढ़े तीन घंटे तक नजरअंदाज किया। जब अंशु के मुंह से झाग निकलने लगा और उसका शरीर ठंडा पडऩे लगा, तब घबराई शिक्षामित्र ने परिजनों को सूचना दी। आनन-फानन में परिजन बच्चे को सीएचसी हैदरगढ़ ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने शिक्षिका की इस कथित लापरवाही को बच्चे की मौत का जिम्मेदार ठहराया है, जिससे स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
Author: Jai Lok






