
जबलपुर (जय लोक)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज नगर निगम की पौधारोपण की एक बड़ी योजना का शुभारंभ किया। नगर निगम द्वारा जापानी मियावाकी पद्धति से शहर में 11 लाख पौधों को लगाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डुमना नेचर पार्क में आयोजित एक भव्य समारोह में इस नई पद्धति से किए जा रहे पौधारोपण के कार्यक्रम में सम्मिलित हुए । मुख्यमंत्री ने नगर निगम की 4 सौ करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण भी किया।

मुख्यमंत्री के साथ लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, महापौर जगत बहादुर अन्नू, सांसद आशीष दुबे, श्रीमती सुमित्रा बाल्मिकी, विधायक अशोक रोहाणी, इंदू तिवारी, अभिलाष पांडे, नीरज सिंह, संतोष बरकड़े, जबलपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष संदीप जैन, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, प्रदेश भाजपा के कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, नगर भाजपा अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, ग्रामीण अध्यक्ष राजकुमार पटेल आदि प्रमुख लोग साथ थे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित छात्र छात्राओं ने इस वृक्षारोपण के कार्यक्रम में उत्साह पूर्वक भाग लिया और मुख्यमंत्री का करतल ध्वनि के साथ स्वागत किया। कार्यक्रम में कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय, नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार भी उपस्थित रहे।

पर्यावरण सुरक्षा के लिए पहल
शहर को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने की दिशा में यह आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण है। डुमना नेचर पार्क परिसर में मियावाकी तकनीक से पौधे रोपे जा रहे हैं जिसका शुभारंभ आज मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया। इस विशेष जापानी तकनीक की मदद से कम समय में घना और प्राकृतिक जंगल तैयार किया जा सकता है।


जापानी पद्धति से वायु गुणवत्ता सुधारने 11 लाख पौधे लगाए जा रहे हैं। इस वर्षा ऋतु में 100 एकड़ क्षेत्रफल में बृहद् वृक्षारोपण किया जा रहा है। इसमें लगभग 5 लाख पौधों का रोपण मियावाकी पद्धति से किया जा रहा है। उमरिया में 20 एकड़, डुमना नेचर पार्क में लगभग 15 एकड़, कठौंदा में लगभग 10 एकड़ ऐसे प्रमुख स्थल हैं जहां वृक्षारोपण किया जा रहा है। इन सभी जगह स्थानीय प्रजाति के पौधे लगाए जा रहे हैं। उमरिया में 5 एकड़ में एक जगह सभी प्रजाति के पौधे भी रोपे जा रहे हैं ताकि पौधों की पहचान आम जनमानस को सहजता से कराई जा सके।
डुमना में एक सुंदर नवग्रह वाटिका
नगर निगम द्वारा डुमना नेचर पार्क में एक नवगृह वाटिका भी बनाई जा रही है। गृहों की शांति और उपासना तथा पूजा आदि के लिए यह नवगृह वाटिका शहरवासियों के लिए एक बड़ी सौगात है।
डिजिटल क्रांति का आगाज
विकास और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई बड़े कार्यक्रमों के साथ आज शहर में डिजिटल क्रांति का नया आग़ाज़ हुआ है। मुख्यमंत्री मोहन यादव आज शहर को चार सौ करोड़ के विकास कार्यों की सौगात देने शहर आए। जिसमें पौधारोपण, जल संरक्षण के लिए कैच द रैन अभियान, नेताजी सुभाषचंद्र बोस कन्वेंसन सेन्टर में विकास कार्य, सहित अन्य सौगातें आज शहर को मिल रही हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने हेतु पी.एम. स्वनिधि के वेंडरों को के्रडिट कार्ड भी वितरित करने जा रहे हैं।
गंदे पानी के प्रबंधन में सुधार पर कदम
शहर के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से अमृत 1.0 सीवेज परियोजना की शुरुआत से गंदे पानी के प्रबंधन में सुधार होगा। नगर निगम द्वारा जानकारी दी गई कि अमृत 1.0 सीवेज परियोजना स्वीकृत की गयी, जिसके अंतर्गत 362.31 करोड़ रूपये की लागत से 247 कि.मी. सीवर नेटवर्क बिछाने का कार्य, 89,000 घरेलू सीवर कनेक्शन, 3 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण पूर्ण कराया गया है, जिससे गलियों में बहने वाले गंदे पानी से मुक्ति मिली है। कठौंदा 32 एमएलडी, ललपुर (34 एमएलडी और तेवर 29 एमएलडी में 3 अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए गए हैं, जिनकी कुल क्षमता 95 एम.एल.डी. है।
अत्याधुनिक मत्स्य विक्रय केंद्र का लोकार्पण
मत्स्य विके्रताओं और उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए 3 करोड़ की लागत से नवनिर्मित अत्याधुनिक फिश मार्केट का शुभारंभ हो रहा है। यह केंद्र स्वच्छ, व्यवस्थित और आधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण है, जिससे स्थानीय मत्स्य व्यापारियों को लाभ मिलेगा। यहाँ 55 व्यवसायियों को दुकानें स्थायी रुप से आवंटित की गई हैं। जिसमें पानी, पार्किंग आदि की सुविधाएँ हैं।
रजक समुदाय हेतु अत्याधुनिक लॉन्ड्री हब
रजक समाज के पारंपरिक व्यवसाय को आधुनिक तकनीक से जोडऩे और उनकी आजीविका को बेहतर बनाने के उद्देश्य से निर्मित हाई-टेक लॉन्ड्री क्षेत्र का भी लोकार्पण किया जा रहा है। नगर पालिक निगम जबलपुर द्वारा दादा ईश्वर दास रोहणी वार्ड, सिविल लाइन क्षेत्र में वर्षों पुराने परंपरागत धोबी घाट का उन्नयन किया गया है। यहाँ व्यवस्थित छाया स्थल, रोड निर्माण, पानी की व्यवस्था व 02 मॉडर्न हाईपावर लॉन्ड्री मशीने स्थापित की गई हैं। इस योजना के अंतर्गत यही नहीं सरकार ने पीएम स्वनिधि योजनांतर्गत रजक समुदाय के इन 40 व्यवसायियो को 01 ही दिन में स्थल पर कैंप लगाकर प्रत्येक दुकानदार को 15 हजार, 25 हजार व 50 हजार रुपये के ऋण भी अपनी दुकानों को व्यवस्थित करने उपलब्ध कराये हैं।
Author: Jai Lok





