
भीतरघात के आरोपों की जाँच, पूरा जिला संगठन भंग
भोपाल (जयलोक)। राजनीति के इतिहास में शायद यह पहली बार हुआ है जब भारतीय जनता पार्टी ने किसी उपचुनाव में भीतरघात की संभावनाओं और अनुशासनहीनता की बात को प्रारंभिक स्तर पर सिद्ध पाते हुए उस जिले के पूरे के पूरे संगठन को भंग कर दिया हो। दतिया उपचुनाव के परिणाम आने के बाद भाजपा के अंदर मची घमासान और कल उच्च स्तरीय बैठक के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने दतिया के जिला संगठन को भंग कर दिया। इस निर्णय से जहां पार्टी ने संगठन अनुशासन को सर्वोपरि बताया है वहीं दूसरी ओर पूरे देश में पार्टी के अंदर एक नजीर भी बना दी है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि लंबे समय से भाजपा जिन प्रदेशों में है और वहां के कद्दावर नेताओं ने अपना एक बड़ा समर्थकों का वर्ग तैयार कर लिया है। वह भविष्य में दतिया में निर्मित हुए समीकरण को दोहरा सकते हैं। ऐसा ना हो इसी मकसद से पार्टी ने उपचुनाव परिणाम के बाद यह कठोर निर्णय लिया है।
दतिया उपचुनाव में हार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पूरे जिला संगठन को भंग कर दिया है। मुख्यमंत्री निवास पर हुई लगभग दो घंटे की समीक्षा बैठक में पार्टी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने चुनाव में कथित भितरघात के सबूत प्रदेश नेतृत्व को सौंपे। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने हार के कारणों की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित समीक्षा बैठक में प्रत्याशी आशुतोष तिवारी, चुनाव प्रभारी एवं सांसद भरत सिंह कुशवाहा, सह प्रभारी राहुल कोठारी सहित चुनाव प्रबंधन से जुड़े प्रमुख पदाधिकारियों से विस्तृत फीडबैक लिया गया। सूत्रों के अनुसार, आशुतोष तिवारी ने चुनाव के दौरान संगठन के भीतर से भितरघात होने का दावा करते हुए संबंधित साक्ष्य प्रदेश नेतृत्व के समक्ष प्रस्तुत किए। बैठक में हार के कारणों और चुनावी रणनीति की कमियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में दतिया विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों की जिम्मेदारी संभालने वाले मंत्रियों से भी रिपोर्ट ली गई। राव उदय प्रताप सिंह से दतिया शहर में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं होने के कारण पूछे गए। तुलसीराम सिलावट के जिम्मे रहे बसई ब्लॉक में अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन की जानकारी दी गई। दिलीप जायसवाल के प्रभार वाले क्षेत्र में अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने पर समीक्षा की गई। पार्टी नेतृत्व ने सभी संबंधित मंत्रियों को विस्तृत रिपोर्ट जांच समिति को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
हार की जांच करेगी दो सदस्यीय समिति
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने हार के कारणों की पड़ताल के लिए दो सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति के सदस्य प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे और वरिष्ठ नेता अंबाराम कराड़ा हैं। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह चुनाव से जुड़े पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से चर्चा कर संगठनात्मक गतिविधियों, चुनाव प्रबंधन तथा अन्य कारणों का विश्लेषण करते हुए एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपे।
पूरा जिला संगठन तत्काल प्रभाव से भंग
समीक्षा बैठक के कुछ घंटों बाद प्रदेश भाजपा ने दतिया जिले की पूरी संगठनात्मक संरचना भंग करने का निर्णय लिया। प्रदेश कार्यालय मंत्री श्याम महाजन द्वारा जारी आदेश के अनुसार तत्काल प्रभाव से जिलाध्यक्ष, जिला पदाधिकारी, जिला कार्यसमिति, सभी मंडल, मोर्चा एवं प्रकोष्ठ, प्रकल्प एवं विभाग और समस्त जिला संगठनात्मक इकाइयां भंग कर दी गई। यह कार्रवाई जांच समिति की अनुशंसा के आधार पर की गई है।
नरोत्तम मिश्रा बैठक से रहे दूर
समीक्षा बैठक में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा और तत्कालीन जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह शामिल नहीं हुए। वहीं मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, तुलसीराम सिलावट और राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल बैठक में मौजूद रहे। सभी संबंधित नेताओं से समिति के समक्ष अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
नए सिरे से होगा संगठन का गठन
पार्टी सूत्रों के अनुसार अब भाजपा दतिया में संगठन को पूरी तरह नए सिरे से खड़ा करेगी। प्रदेश नेतृत्व का लक्ष्य आगामी नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों से पहले ऐसा संगठन तैयार करना है जो व्यक्ति विशेष के बजाय संगठन और पार्टी की विचारधारा के आधार पर कार्य करे। इसके लिए बूथ स्तर से लेकर जिला मुख्यालय तक व्यापक संगठनात्मक फेरबदल की तैयारी शुरू कर दी गई है।
Author: Jai Lok






