
झारखंड में आकाशीय बिजली का कहर, केरल में चार दिन में 25 लोगों की जान गई
नई दिल्ली (जयलोक)। देश के अनेक राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ के हालात के बीच हुए हादसों ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। झारखंड और उत्तर प्रदेश में मंगलवार को बारिश और आकाशीय बिजली गिरने से 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भूस्खलन के कारण 300 से अधिक मार्ग अवरुद्ध हो गए। केरल में लगातार चौथे दिन भी बारिश का कहर जारी है, जहां 1 अगस्त से अब तक 25 लोगों की जान जा चुकी है और चार लोग लापता बताए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार झारखंड में सबसे बड़ा नुकसान आकाशीय बिजली गिरने से हुआ है। राज्य के गिरिडीह, दुमका और लातेहार जिलों में कुल 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हुए हैं। गिरिडीह में सबसे अधिक नौ, दुमका में तीन और लातेहार में दो लोगों की जान गई। वहीं उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में दो बच्चों की गड्ढे में डूबने से तथा एक युवक की बिजली गिरने से मौत हो गई।
केरल में बाढ़ के हालात
केरल में लगातार बारिश और बाढ़ से हालात गंभीर बने हुए हैं। राज्य सरकार के अनुसार 18 हजार से अधिक लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। पथनमथिट्टा, कोट्टायम और अलप्पुझा जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं, जहां नदियां उफान पर हैं और कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं।
गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर
उत्तर प्रदेश में गंगा नदी बिजनौर और फर्रुखाबाद में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। 40 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं और कई स्थानों पर नदी का पानी राजमार्गों पर बह रहा है। शामली में तेज बहाव में एक कार बह गई, जबकि अंडरपास में फंसी एक स्कूल बस को ट्रैक्टर की मदद से सुरक्षित निकाला गया। मौसम विभाग ने प्रदेश के 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।
भूस्खलन की घटनाएं बढ़ीं
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार वर्षा के कारण भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं। हिमाचल में 160 से अधिक सडक़ें, 190 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 58 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर भूस्खलन के चलते यातायात करीब दो घंटे बाधित रहा। उत्तराखंड में भी 100 से अधिक सडक़ें बंद हैं तथा देहरादून और बागेश्वर में कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।
भारी बारिश का अलर्ट
उधर, पंजाब और चंडीगढ़ में 6 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों में पटियाला में सर्वाधिक 143 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि मौसम विभाग ने 7 अगस्त से बारिश की तीव्रता में कमी आने की संभावना जताई है।
Author: Jai Lok






