
आईआईटी दिल्ली के दीक्षांत समारोह को प्रधानमंत्री मोदी ने किया संबोधित और ‘परम प्रज्ञा’ सुपरकंप्यूटर का किया उद्घाटन
अगले 20-30 साल में आप जो करेंगे वही विकसित भारत की नींव मजबूत करेगा: मोदी
नई दिल्ली (जयलोक)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आईआईटी दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में छात्रों से बदलती दुनिया के साथ लगातार सीखते रहने और समस्याओं के समाधान खोजने का आह्वान किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि छात्र यहां से केवल डिग्री लेकर नहीं, बल्कि सपने और जिम्मेदारियां लेकर निकल रहे हैं। अगले 20-30 साल में वे जो काम करेंगे, वही विकसित भारत के निर्माण की मजबूत नींव तैयार करेगा। आईआईटी दिल्ली के दीक्षांत समारोह में 3,000 से अधिक छात्र शामिल हुए, जिनमें 587 पीएचडी शोधार्थी भी हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को डिग्रियां प्रदान करने के साथ मेडल पहनाए। उन्होंने कहा कि आईआईटी से निकलकर छात्रों के जीवन की एक नई यात्रा शुरू हो रही है। परिवारों को अपने बच्चों पर गर्व है और देश को भी उनसे बड़ी उम्मीदें हैं। यहां पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि हॉस्टल, दोस्तों, प्रतियोगिताओं, मेस के खाने और संस्थान से जुड़ी तमाम यादें जीवनभर उनके साथ रहेंगी। शिक्षक, प्रोफेसर और सपोर्ट स्टाफ भी समय के साथ परिवार का हिस्सा बन जाते हैं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपनी सफलता में आईआईटी से जुड़े लोगों और रिश्तों को हमेशा याद रखें।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया, तकनीक और इंडस्ट्री तेजी से बदल रही हैं। ऐसे समय में किसी को यह पता नहीं है कि अगले 20 या 30 साल की दुनिया कैसी होगी। इसलिए वही लोग आगे बढ़ेंगे, जो लगातार सीखते रहेंगे और नई चुनौतियों के समाधान तलाशेंगे। उन्होंने छात्रों से केवल सवाल उठाने के बजाय उनके समाधान खोजने की मानसिकता विकसित करने को कहा। प्रधानमंत्री मोदी ने आईआईटी दिल्ली के सोनीपत कैंपस में स्थापित एआई आधारित हाई-परफॉर्मेंस सुपरकंप्यूटर ‘परम प्रज्ञा’ का रिमोट माध्यम से उद्घाटन किया। यह सुपरकंप्यूटर जटिल गणनाओं को तेज गति से करने के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, एडवांस्ड कंप्यूटिंग और वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देने में मदद करेगा।
देश में 37 सुपर कंप्यूटर सक्रिय
राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन के तहत देश में अब तक 37 सुपरकंप्यूटर स्थापित किए जा चुके हैं और ये सभी सक्रिय हैं। इन्हें आईआईटी, आईआईएससी, एनआईटी, सी-डीएसी, आईसर समेत प्रमुख शोध संस्थानों में लगाया गया है। परम सिद्धि, परम प्रवेग, परम शक्ति, परम संगणक, परम सेवा, परम रुद्र, परम ब्रह्मा, परम युक्ति और परम शिवाय इनमें प्रमुख हैं।
Author: Jai Lok






