
जबलपुर (जय लोक)। जबलपुर जिले की पुलिस को पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय के माध्यम से एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। अपराध नियंत्रण, बेहतर कानून-व्यवस्था और जनमित्र पुलिसिंग के क्षेत्र में प्रभावी कार्य करने वाले जबलपुर के पुलिस कप्तान संपत उपाध्याय ने राष्ट्रीय स्तर पर शहर का मान बढ़ाया है। फेम इंडिया-एशिया पोस्ट के राष्ट्रीय सर्वेक्षण में उन्हें देश के टॉप-100 पुलिस कप्तानों (एसपी/एसएसपी) में स्थान मिला है। मध्य प्रदेश के तीन आईपीएस अधिकारियों में जबलपुर पुलिस कप्तान संपत उपाध्याय, समीर सौरभ और श्रद्धा तिवारी को इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल किया गया है। सर्वेक्षण में अपराध नियंत्रण, कार्यकुशलता, नेतृत्व क्षमता, नवाचार, जनसरोकार और पुलिस की सकारात्मक छवि जैसे विभिन्न मानकों पर अधिकारियों के कामकाज का आंकलन किया गया। इन मानकों पर संपत उपाध्याय के कार्यकाल में जबलपुर पुलिस की सक्रियता और तकनीक आधारित पुलिसिंग उल्लेखनीय रही है।

खितौला डकैती कांड में मिली बड़ी सफलता
पुलिस कप्तान श्री उपाध्याय के नेतृत्व में जबलपुर पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक खितौला स्मॉल फाइनेंस बैंक डकैती कांड रहा। दिनदहाड़े हुई इस वारदात में करोड़ों रुपये का सोना और नकदी लूटे जाने के बाद पुलिस ने मामले को चुनौती के रूप में लिया। आरोपियों की तलाश में तकनीकी साक्ष्यों, विभिन्न टीमों और समन्वित कार्रवाई को केंद्र में रखकर जांच आगे बढ़ाई गई।

अंतरराज्यीय गिरोहों पर भी शिकंजा
शहर में लगातार सामने आ रही चेन स्नैचिंग की वारदातों को लेकर भी जबलपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोहों तक अपनी जाँच पहुँचाई। संदिग्धों की पहचान, तकनीकी निगरानी और मैदानी पुलिसिंग के समन्वय से गिरोहों का पर्दाफाश कर चोरी और लूट की वारदातों पर अंकुश लगाने की दिशा में कार्रवाई की गई।


सायबर, नशा विरोधी मुहिम पर फोकस
उपाध्याय के नेतृत्व में अवैध हथियार, मादक पदार्थ, जुआ-सट्टा और संगठित अपराध के खिलाफ अभियानों को भी लगातार गति दी गई। साथ ही साइबर अपराध से बचाव, बैंक अधिकारियों के साथ समन्वय और नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर रहा।
राष्ट्रीय सूची में दर्ज हुई उपलब्धि
राष्ट्रीय सूची में स्थान मिलना महज एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि जबलपुर पुलिस की टीमवर्क आधारित कार्यशैली के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस कप्तान की प्राथमिकता अपराधी पर सख्ती और आम नागरिक के प्रति संवेदनशीलता ने शहर की पुलिसिंग को नई पहचान देने का काम किया है।
Author: Jai Lok






