
जबलपुर (जयलोक)। मंडला में जबलपुर ईओडब्ल्यू की टीम ने आज सुबह वन विभाग के बाबू के घर पर छापा मारा है। ईओडब्ल्यू को वन विभाग के बाबू के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जानकारी मिली थी। आज सुबह तडक़े पहुँची ईओडब्ल्यू टीम की कार्रवाही अभी भी जारी है। टीम दस्तावेजों वह अन्य चीजों की जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि ईओडब्लयू की टीम ने सुबह 3 बजे पश्चिम सामान्य वन मंडल मंडला में पदस्थ लिपिक स्वेतांक चौरसिया के राज राजेश्वरी वार्ड स्थित आवास पर दबिश दी। टीम बाबू की संपत्ति से संबंधित सभी दस्तावेज खंगालने में जुटी है। ईओडब्लयू के अधिकारियों को स्वेतांक चौरसिया के खिलाफ आय के ज्ञात स्त्रोतों से अधिक संपत्ति जमा करने की शिकायत मिली थी। इसी शिकायत के आधार पर आज सुबह ईओडब्ल्यू जबलपुर की टीम उनके आवास पर दबिश देकर जांच शुरु कर दी है। टीम द्वारा लिपिक के घर में मौजूद दस्तावेजों, संपत्ति से संबंधित कागजात और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है। अधिकारी संपत्ति और आय से जुड़े दस्तावेजों का मिलान कर रहे हैं। जांच के बाद यह साफ होगा लिपिक की संपत्ति उसकी आय के अनुपात में है या नहीं। सुबह हुई इस अचानक कार्रवाई से वन विभाग के कर्मचारियों में हडक़ंप मच गया।

12 सदसीय टीम पहुँची छापा मारने
प्राथमिक सूचना के मुताबिक लिपिक स्वेतांक चौरसिया के ठिकाने पर 12 सदस्यों के दल ने तडक़े दबिश देकर पड़ताल शुरु की। जांच दल द्वारा घर में रखे वित्तीय अभिलेखों और चल-अचल संपत्ति के दस्तावेजों की छानबीन की जा रही है।

बैंक खातों और संपत्ति का मिलान
ईओडब्ल्यू के अधिकारियों के नेतृत्व में पहुंची टीम ने राज राजेश्वरी वार्ड स्थित मकान को घेरकर अंदर की गतिविधियों को रोक दिया। टीम के सदस्यों ने घर के 4 अलग-अलग कमरों में मौजूद अलमारियों और लॉकर की तलाशी ली।
लिपिक स्वेतांक चौरसिया और उनके परिजनों के नाम दर्ज भूखंड, मकान और खेती की जमीनों के 15 से अधिक मूल दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इसके अलावा 8 विभिन्न बैंक खातों की पासबुक, 4 एफडी के कागजात और शेयर बाजार में निवेश के प्रमाण पत्र भी ईओडब्ल्यू ने अपने कब्जे में लिए हैं। घर में रखी नकदी तथा सोने-चांदी के 250 ग्राम से अधिक के आभूषणों का सही आंकलन करने के लिए मूल्यांकनकर्ता को भी मौके पर बुलाया गया है।


20 वर्षों का खंगाला जा रहा रिकार्ड
लिपिक की करीब 20 वर्षों की कुल सेवा अवधि के वेतन रिकॉर्ड को तलब किया गया है। ईओडब्ल्यू की टीम अधिकारी के सेवा काल की पूरी वैध आय का ब्योरा तैयार कर रही है। इस वैध आय की तुलना छापा कार्रवाई में मिली कुल परिसंपत्तियों और पारिवारिक खर्चों से की जाएगी। जिसमें ईओडब्ल्यू की टीम को दो से तीन दिन लगेंगे। जांच पूरी होने के पश्चात ही यह तय हो सकेगा कि आरोपी लिपिक के पास मिली संपत्ति उसकी ज्ञात आय से कितने प्रतिशत अधिक है।
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Author: Jai Lok





