
जबलपुर (जय लोक)। मरीजों के साथ इलाज के नाम पर मोटी फीस वसूलने वाले गैलेक्सी अस्पताल पर कार्रवाही के आदेश जारी किए गए है। हालांकि यह जाँच कब तक शुरू होगी इस बात का अधिकारियों को भी पता नहीं है। गैलेक्सी अस्पताल की कारस्तानी का खुलासा उस वक्त हुआ जब एक आयुष्मान कार्ड धारी मरीज से अस्पताल द्वारा मोटी फीस वसूल ली गई। इस मामले में पीडि़त मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर के पास पहुँचा और कलेक्टर ने इस मामले की जाँच के आदेश जारी कर दिए।
बताया जा रहा है कि शहपुरा तहसील के मगरमुंडा निवासी शेख मोहम्मद इकबाल की 26 जुलाई को अचानक तबीयत खराब हो गई थी। उनका ब्लड प्रेशर काफी बढ़ गया था। परिजन रात करीब आठ बजे उन्हें जाँच के लिए उखरी रोड, बल्देवबाग स्थित ग्लेक्सी हॉस्पिटल लेकर पहुँचे। परिजनों का कहना है कि रात करीब नौ बजे जांच रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टरों ने बताया कि मरीज को हार्ट अटैक आया है और उसके हृदय की एक नस ब्लॉक है। डॉक्टरों ने तुरंत ऑपरेशन की आवश्यकता बताई। परिवार ने अस्पताल को आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराया और डॉक्टरों की सलाह पर ऑपरेशन के लिए सहमति दे दी।
परिजनों के अनुसार, 27 जुलाई को मरीज को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया था। ऑपरेशन से पहले उन्हें केवल एक नस ब्लॉक होने की जानकारी दी गई थी, लेकिन मरीज के बाहर आने के बाद अस्पताल की ओर से दो ऑपरेशन किए जाने की बात कही गई। परिवार का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद मरीज के मुंह से काफी खून निकल रहा था। यह देखकर परिजनों ने डॉक्टरों के सामने आपत्ति जताई और पूछा कि जब केवल एक नस ब्लॉक थी तो दो ऑपरेशन क्यों किए गए और मरीज के मुंह से इतना अधिक खून क्यों निकल रहा है। बताया गया कि ऑपरेशन के दौरान मरीज को दोबारा हार्ट अटैक आया था। परिजनों ने इस दावे पर भी सवाल उठाते हुए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जाँच की माँग की है।

अलग से 18 हजार रुपये लेने का आरोप
शिकायत में बताया गया है कि अस्पताल में इलाज के दौरान परिजनों से 15 हजार रुपये काउंटर पर जमा करवाए गए। इसके अलावा सीटी स्कैन के नाम पर तीन हजार रुपये खर्च कराए गए। इस प्रकार परिवार से कुल 18 हजार रुपये लिए जाने का आरोप लगाया गया है। परिजनों का कहना है कि उनके पास आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद उनसे अलग से पैसे जमा करवाए गए। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि आयुष्मान कार्ड से भुगतान लेने के बाद मरीज को एम्बुलेंस से दूसरे अस्पताल ले जाने का दबाव बनाया जा रहा था।

सीएमएचओ ने वापस दिलवाए थे रूपये
मामला प्रकाश में आने के बाद सीएमएचओ नवीन कोठारी ने अस्पताल प्रबंधन से बात और मरीज के परिवार से खर्च करवाए गए 18 हजार रुपये वापस करने तथा इलाज जारी रखने की बात कही। हालांकि, शिकायत के अनुसार अस्पताल प्रबंधन ने मरीज का आगे इलाज करने में असमर्थता जता दी।


Author: Jai Lok






