
जबलपुर (जय लोक)।कलचुरी कालीन ऐतिहासिक एवं धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र माता महालक्ष्मी धाम पचमठा मंदिर में माता महालक्ष्मी की मूर्ति खंडित किए जाने की घटना को लेकर श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों में आक्रोश देखा जा रहा है। रविवार को मंदिर परिसर में माता महालक्ष्मी धाम के पुजारी कपिल महाराज के आह्वान पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए और दोषियों की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रखने की रणनीति बनाई गई।

अधारताल के पचमठा मंदिर में प्राचीन मूर्ति से छेड़छाड़ और चोरी के मामले में आज सडक़ पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस वारदात में आक्रोशित लोगो ने आरोपियों की गिरफ्तारी और मंदिर को सुरक्षा प्रदान किए जाने की मांग की। आज सोमवार को पुरातन मंदिर में चोरी और प्राचीन मूर्ति से छेड़छाड़ किए जाने पर लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली का विरोध करते हुए जमकर नारेबाजी की है।
मंदिर के पुजरी ने घटना से लेकर अब तक हुई पुलिस जांच की जानकारी श्रद्धालुओं के समक्ष रखी। उन्होंने बताया कि एसपी संपत उपाध्याय के निर्देश पर सात पुलिस टीमें गठित की गई हैं, जिनमें साइबर सेल, फॉरेंसिक, क्राइम ब्रांच सहित अन्य टीमें शामिल हैं। सभी टीमें अपने-अपने स्तर पर जांच कर रही हैं। टीआई ने जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। हालांकि श्रद्धालुओं ने स्पष्ट किया कि दोषियों की गिरफ्तारी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन माता महालक्ष्मी धाम समिति के बैनर तले संचालित किया जा रहा है।

आज बंद रहा अधारताल
आंदोलन के अगले चरण में आज अधारताल बंद का आह्वान किया गया। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। इस दौरान किसी प्रकार के उपद्रव या अशांति के बजाय लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया जा रहा है। बंद के दौरान श्रद्धालु एवं क्षेत्रवासी मौन जुलूस निकाला तथा काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके माध्यम से घटना पर अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए प्रशासन से आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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Author: Jai Lok





