
जबलपुर (जय लोक)। सितम्बर माह समाप्त हो चुका है और अक्टूबर माह का आज पहला दिन है। अक्टूबर में त्यौहारों के हिसाब से काफी खास रहने वाला है। अक्टूबर माह में अधिकांश मुख्य त्यौहार हैं जिससे पूरा माह आस्था, भक्ति और परिवार की सुख शांति के लिए खास रहेगा। अक्टूबर माह में ही नवरात्रि में जहां माता की आराधना की जाएगी तो वहीं दशहरा का उत्साह रहेगा। इसके साथ ही पति की लंबी आयु और सुख शांति के लिए रखा जाने वाला व्रत करवा चौथ भी इसी माह है। अक्टूबर माह में आने वाले त्यौहार को लेकर बाजारों में भी चहल पहल बनी रहेगी।
साल भर भक्तों और आम लोगों को अक्टूबर और नवंबर के महीनों का बेसब्री से इंतजार रहता है, क्योंकि यह समय उत्सवों, उपवास और भक्तिमय माहौल का होता है।

अक्टूबर के पहले पखवाड़े में जहां पितृ पक्ष का समापन होगा, वहीं 11 अक्टूबर को घटस्थापना के साथ मां दुर्गा की आराधना के 9 दिवसीय पर्व शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ होगा। 19 अक्टूबर को महाष्टमी व महानवमी का पूजन होगा, जबकि 20 अक्टूबर को विजयादशमी यानी दशहरा का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। सुहागिन महिलाओं के अखंड सौभाग्य का महापर्व करवा चौथ 29 अक्टूबर को रखा जाएगा। इसके अलावा महीने की शुरुआत 3 अक्टूबर को जीवित्पुत्रिका (जितिया) व्रत से होगी, 6 अक्टूबर को इंदिरा एकादशी, 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या, 22 अक्टूबर को पापांकुशा एकादशी, 25 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा और 26 अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई जाएगी।

राशि की पर दिखेगा असर
ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी अक्टूबर बेहद उथल-पुथल और महत्वपूर्ण बदलावों वाला साबित होने वाला है। इस महीने चार प्रमुख ग्रह अपनी चाल बदलेंगे और राशि गोचर करेंगे, जिसका सीधा प्रभाव सभी 12 राशियों के जातकों के करियर, कारोबार, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन पर देखने को मिलेगा।
महीने की शुरुआत में 1 अक्टूबर को बुध ग्रह राहु के स्वाति नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, वहीं 3 अक्टूबर को ऐश्वर्य व सुख के कारक शुक्र ग्रह वक्री (उल्टी चाल) हो जाएंगे। इसके बाद 17 अक्टूबर को ग्रहों के राजा सूर्य देव अपनी नीच राशि तुला में प्रवेश करेंगे। 24 अक्टूबर को बुध ग्रह वक्री चाल शुरू करेंगे और महीने के आखिरी दिन यानी 31 अक्टूबर को ज्ञान व भाग्य के दाता देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। ग्रहों के इन बड़े फेरबदल से देश-दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था और जनमानस पर गहरा असर पडऩे की संभावना है।

महाकौशल के औद्योगिक विकास और निवेश विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास
Author: Jai Lok





