
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और टीसीएस पर साधा निशाना
नई दिल्ली (जयलोक) एक अक्टूबर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मतदाता पंजीकरण से जुड़े ऑनलाइन फॉर्म-6 में किए गए बदलाव को लेकर गुरुवार को निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा और सवाल किया कि इस बदलाव का आदेश आयोग में किसने दिया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट करने की मांग की कि इसे लागू करने के लिए टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज में किस अधिकारी ने मंजूरी दी।
राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि ऑनलाइन फॉर्म-6 को अवैध रूप से बदला गया था, जैसा कि चुनाव आयोग के अपने आयुक्तों ने रिकॉर्ड में दर्ज किया है। उन्होंने सवाल किया कि आयोग में किसने टीसीएस को यह बदलाव करने का आदेश दिया?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक टीसीएस में किसने इस पर हस्ताक्षर कर मंजूरी दी? और क्या उन पर ऐसा करने के लिए दबाव डाला गया था?’’ यह पूरा मामला ऑनलाइन फॉर्म-6 में एसआईआर से संबंधित एक अतिरिक्त घोषणा को शामिल किए जाने को लेकर सामने आया है। फॉर्म-6 नए मतदाताओं को मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। पिछले दिनों प्रकाशित खबर में कहा गया था कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने इस बदलाव पर आयोग के भीतर आपत्ति दर्ज की थी।
दूसरी तरफ निर्वाचन आयोग ने कहा है कि फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया था, बल्कि एसआईआर के दौरान उसके साथ एक अतिरिक्त घोषणा-पत्र जोड़ा गया था। आयोग का कहना है कि यह घोषणा एसआईआर से संबंधित आदेशों के तहत अतिरिक्त आवश्यकता थी और मूल वैधानिक फॉर्म-6 में कोई संशोधन नहीं किया गया। आयोग ने 26 सितंबर की बैठक के बाद कहा था कि एसआईआर से संबंधित अतिरिक्त घोषणा पत्र का इस्तेमाल एसआईआर अवधि तक किया जाना है और इसके बाद की अवधि में निर्वाचन पंजीकरण नियम, 1960 के तहत तय फॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा। उसने कहा कि इसके बाद उन राज्यों में ऑनलाइन फॉर्म-6 से यह अतिरिक्त घोषणा हटा दी गई, जिनमें एसआईआर पूरा हो चुका है।
राहुल गांधी का बालाघाट दौरा आज: जागला गांव में मृत आदिवासी बच्चों के परिजनों से करेंगे मुलाकात
प्रदेश के आदिवासी बहुल जिले बालाघाट में कुपोषण, मलेरिया और संक्रामक बीमारियों से 30 से अधिक मासूम बच्चों की मौत का मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर गरमा गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज जिले के बिरसा ब्लॉक स्थित जागला गांव पहुंचकर मृत बैगा और गोंड आदिवासी बच्चों के पीडि़त परिजनों से मुलाकात करेंगे और जमीनी हकीकत जानेंगे। गौरतलब है कि बालाघाट जिले के बिरसा और आसपास के आदिवासी इलाकों में बीते जून-जुलाई से लेकर अब तक 30 से अधिक मासूम बच्चों की जान जा चुकी है। स्थानीय ग्रामीणों और कांग्रेस का आरोप है कि इलाके में शुद्ध पेयजल, समय पर इलाज और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं का घोर अभाव है। जगला में उनका करीब 45 मिनट रुकने का कार्यक्रम है। यहां प्रभावित परिवारों से मुलाकात के साथ स्वास्थ्य और बच्चों की मौत से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होनी है।
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Author: Jai Lok





