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हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से दो की मौत, छह लोग घायल

मझौली में प्रतिमा विसर्जन में हुआ बड़ा हादसा ,  जुलूस पर बिजली का कहर

जबलपुर (जयलोक)। मझौली क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा हो गया है। यहां पर देर रात एक बजे के लगभग हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से दो युवकों की मौत हो गई। वहीं आधा दर्जन लोग बुरी तरह झुलस गए, जिन्हे उपचार के लिए मेडिकल अस्पताल पहुँचाया गया है। घटना के बाद यहां पर चीख पुकार व भगदड़ मच गई थी। हादसे के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी भी देखी जा रही है। ग्रामीणों ने हादसे का आरोप बिजली अधिकारियों पर लगाया है। ग्रामीणों को कहना है कि हाईटेंशन लाइन को ऊंचा ना करने की वजह से ही यह हादसा हुआ है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि बीती रात एक बजे महाकाली प्रतिमा विसर्जन के दौरान जुलूस जब नरेला नाम के तालाब के पास पहुंचा तभी सडक़ के ऊपर से निकलता हुआ हाईटेंशन का एक तार प्रतिमा से टकरा गया और उसकी वजह से प्रतिमा के आसपास खड़े लोगों को करंट लग गया। इस हादसे में दो लोगों को बुरी तरह करंट लगा जिसमें से दो युवकों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान विकास राजपूत और प्रिंस चौहान के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। घायलों को लेकर जब अस्पताल पहुंचे तो अस्पताल में ना ऑक्सीजन थी और ना ही एंबुलेंस में डीजल। घटना में मयंक राजपूत, विक्की रैकवार, मनीष राजपूत और आयुष रैकवार गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्हें पहले मझौली स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
15 दिन पहले की शिकायत, फिर भी नहीं हटाई गई लाइन- स्थानीय निवासियों का आरोप है कि 15 दिन पहले शांति समिति की बैठक में हाईटेंशन लाइन नीचे होने की शिकायत की गई थी। आरोप है कि बिजली विभाग के एई ने लाइन को ऊंचा कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन समय रहते आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शिकायत पर गंभीरता से ध्यान दिया जाता, तो इस हादसे को टाला जा सकता था।
एई पर कार्रवाई और मुआवजे की माँग- हादसे में जान गंवाने वाले युवकों के परिजनों ने संबंधित एई के खिलाफ  गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। इसके साथ ही मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की माँग उठाई गई है। स्थानीय लोगों ने भी बिजली विभाग, अस्पताल प्रबंधन और नगर पंचायत की भूमिका की जांच कर दोषियों के खिलाफ  सख्त कार्रवाई की माँग की है।
इलाज में देरी पर भडक़े ग्रामीण – हादसे के बाद घायलों को अस्पताल पहुँचाने और उपचार की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। परिजनों का आरोप है कि घायलों को समय पर अस्पताल पहुँचाने के लिए एंबुलेंस में डीजल तक उपलब्ध नहीं था, वहीं, अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने का भी आरोप लगाया गया है। घटना के बाद मझौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और परिजन मौजूद हैं। आक्रोशित लोग दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की माँग पर अड़े रहे। स्थिति को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच लगातार चर्चा की जा रही है। मौके पर पहुँचे पूर्व मंत्री और मझोली से विधायक अजय विश्नोई ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ  कार्यवाही की माँग की है।
पहले भी हो चुका हादसा- शहर में इसके पहले ऐसा ही हादसा गणेश पंडाल में करंट आने की वजह से हुआ था, इसमें एक बच्चे की मृत्यु हो गई थी। पिछले साल कुछ इसी तरह का हादसा जबलपुर की बरगी में एक पंडाल में करंट आने की वजह से दो लोगों की मौत हो गई थी। इतने बड़े आयोजन में आम लोगों को भी इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि यदि कहीं दुर्घटना की संभावना है तो वहां से बचकर चलें।
कैसे हुआ हादसा?- घटना रात एक बजे की बताई जा रही है। सिविल लाइन पाथ से 50 से अधिक लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली में दुर्गा प्रतिमा लेकर नरीली तालाब में विसर्जन के लिए जा रहे थे। रास्ते में लटक रहे हाई-वोल्टेज बिजली के तार को निकालने के लिए कुछ लोगों ने डंडे से ऊपर उठाने की कोशिश की। इसी दौरान तार ऊपर से गुजर रही हाई-टेंशन लाइन से छू गया, जिससे तार टूटकर सीधे ट्रैक्टर-ट्रॉली पर जा गिरा।
मुख्यमंत्री और विद्युत विभाग से दिलवाएंगे मुआवजा – अजय विश्नोई ने मृतक और घायलों के परिजनों को आश्श्वासन दिया है कि वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विद्युत विभाग से मृतकों को दो-दो लाख रूपये का मुआवजा दिलवाएंगे और घायलों को भी आर्थिक मदद दिलवाएंगे।
विधायक अजय विश्नोई की समझाईश के बाद हुआ पोस्टमार्टम, एई और लाईन मैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज
मझौली में आज घटित हुई हृदय विदारक घटना के बाद मृतक और घायलों के परिजनों के साथ ही क्षेत्रीयजन आक्रोशित हो गए थे। आक्रोशित लोगों ने शवों को रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया था और पोस्टमार्टम के लिए लाश ले जाने नहीं दे रहे थे। उनकी माँग थी कि पहले एफआईआर की जाए। हंगामें की स्थिति को देखते हुए पूर्व मंत्री वरिष्ठ भाजपा  विधायक अजय विश्नोई मौके पर पहुँचे और पूरी स्थिति को समझने के बाद परिजनों एवं आक्रोशित लोगों से चर्चा की। विधायक श्री विश्नोई ने लोगों से कहा कि एफआईआर अवश्य होगी लेकिन उसके लिए पोस्टमार्टम होना आवश्यक है। पहले करंट से मृत्यु का कारण अधिकृत रूप से रिपोर्ट के माध्यम से सामने आएगा। जिसके बाद विद्युत विभाग के उस क्षेत्र के जिम्मेदार लोगों को चिन्हित कर एफआईआर की जाएगी। विधायक विश्नोई के आश्वासन को मृतक के परिजनों ने गंभीरता से लिया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। शार्ट पीएम रिपोर्ट में करंट से मृत्यु की पुष्टि के बाद पुलिस ने संबंधित एई और लाइन मैन की लापरवाही पर एफआईआर दर्ज कराई गई साथ ही उन्हें निलंबित कर जबलपुर अटैच कर दिया गया है। उक्त कार्रवाही की जानकारी परिजनों को देने के बाद विधायक अजय विश्नोई ने लोगों का आक्रोश शंात करवाया।
इनका कहना है…
हादसे में दो लेगों की मौत हुई हैं। वहीं 6 लोग घायल हुए हैं। हादसे में दो बिजली कंपनी के दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।
अंजना तिवारी, एएसपी

 

इंडस्ट्री और रोजगार पर फोकस कर कार्यनीति तैयार करेंगे कलेक्टर अरुण कुमार

 

Jai Lok
Author: Jai Lok

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