
पहले इज्जत से अब छात्रों की जान से खिलवाड़ कॉलेज के वाटर कूलर में मेंढक!
वायरल वीडियो के बाद एमपीएसओ के अध्यक्ष ने उठाई प्रशासन से पूरे परिसर की जाँच की माँग
जबलपुर (जय लोक)।शहर के एक बड़े बदनाम हो चुके श्री राम इंजीनियरिंग कॉलेज में आए दिन नए-नए कांड हो रहे हैं। अभी तक जो मामले सामने आए हैं उसके अनुसार यह प्रतीत होता था कि यहां पढऩे वाली छात्राएं लव जिहाद और बलात्कार की घटनाओं की शिकार हुईं , जो मामले पुलिस में दर्ज भी हुए । यहां तक कि कर्मचारियों ने भी संचालक पर गंभीर शोषण के आरोप लगाए जिसकी जांच जारी है और उसे दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
अब जो नया मामला सामने आया है वह तो सीधे तौर पर जानलेवा लापरवाही का है। सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर एक वीडियो बहुत तेजी से वायरल हुआ जिसे कॉलेज के छात्र-छात्राओं के द्वारा ही बनाया बताया जा रहा है। जिसमें साफ नजर आ रहा है कि कॉलेज के तीसरी चौथी मंजिल पर रखें वाटर कूलर के अंदर मेंढक नजर आ रहा है।
वीडियो में साफ सुनाई दे रहा है कि कॉलेज के छात्र आपस में भी बात कर रहे हैं कि भाई यह तो जिंदगी और मौत का सवाल है। वीडियो में जो कमेंट आए हैं वह भी कॉलेज के संचालक को और प्रबंधन को लेकर आड़े हाथों ले रहे हैं।
मध्य प्रदेश स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष अभिषेक पांडे ने उक्त वीडियो मीडिया को उपलब्ध कराते हुए बताया यह वीडियो छात्र छात्राओं ने अपना नाम और पहचान छिपाते हुई उनको भेजा है। इसके बाद इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ और यह वीडियो सोशल मीडिया पर विभिन्न प्लेटफार्म पर तेजी से वायरल हो चुका है।
एमपीएसयू के अध्यक्ष अभिषेक पांडे ने कहा कि वायरल वीडियो की पुष्टि के लिए प्रशासन को निष्पक्ष रूप से जांच करनी चाहिए। यह जानकारी भी सामने आ रही है कि जिन छात्राओं ने इस बात को उजागर करने के लिए वीडियो डाला अब उन पर कॉलेज संचालक प्रबंधन उसे डिलीट कर बात को छुपाने का प्रयास कर रहे हैं।
एमपीएसयू ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल पूरे कॉलेज परिसर की जांच कर छात्र-छात्राओं के जीवन से हो रहे खिलवाड़ के बारे में संज्ञान लिया जाए। कॉलेज परिसर में ऐसी कई लापरवाहियां हैं जो छात्र-छात्राओं के लिए हानिकारक साबित हो सकती है।
फीस घोटाले को दबाने का प्रयास
एमपीएसयू के अध्यक्ष अभिषेक पांडे ने बताया कि कालेज प्रबंधन द्वारा 58 लाख के फीस घोटाले के मामले में हुई एफआईआर को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। संचालक जो इस गबन के पीछे के मास्टरमाइंड हैं उनको बचाने के लिए कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाया गया लेकिन पैसे किसके कहने पर कहां खर्च हुए इस बात का खुलासा नहीं किया जा रहा है जबकि दर्जनों छात्रों को धोखा देकर अपराध को छुपाने का प्रयास किया जा रहा है।

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