
जबलपुर (जयलोक) सिहोरा के ग्राम छपरा में ग्रामीणों द्वारा शासकीय भूमि पर कब्जाकर खेती करने के मामले में मिल रही शिकायतों के बाद अब जिला प्रशासन ने इस ओर ध्यान देते हुए कार्रवाही की है। इस मामले में कलेक्टर ने एसडीएम सिहोरा को इस कार्रवाही के आदेश दिए जिसके बाद ग्राम छपरा पहुँची प्रशासनिक टीम ने शासकीय भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया साथ ही शासकीय भूमि पर फसल को भी अलग कराया। वहीं प्रशासन ने यह भूमि सरपंच और सचिव को गांव के कार्य के लिए सौंप दी है।
कलेक्टर दीपक सक्सेना के मार्गदर्शन में एसडीएम सिहोरा ने ग्राम छपरा में खसरा क्रमांक 648, 661, 665, 680, 128, 132 की लगभग 55 एकड़ भूमि जिसका शासकीय मूल्य 1.40 करोड़ है। अतिक्रमण मुक्त कराकर ग्राम सरपंच व सचिव की सुरक्षा मे दिया है। एसडीएम रूपेश सिंघई का कहना है कि काफी दिनों से शिकायत मिल रही थी कि इस जमीन पर कुछ ग्रामीणों ने कब्जा कर लिया था। जिसमें वे कई दिनों से खेती करते आ रहे थे। जबकि यह जमीन शासकीय कार्य के लिए दी गई थी। करोड़ों की जमीन में अवैध कब्जे की शिकायत मिलने पर प्रशासन हरकत में आया और कार्रवाही करते हुए अवैध कब्जे से आजाद कराया।

55 एकड़ भूमि में कब्जा
एसडीएम का कहना है कि 55 एकड़ की भूमि में कई दिनों से ग्रामीण फसल उगा रहे थे। जबकि यह जमीन ग्राम के कार्यों के लिए दी गई थी। अतिक्रमण मुक्त हो जाने के बाद अब इस भूमि में बाग बगीचा, बच्चों के लिए खेल की गतिविधियाँ, प्रशासनिक गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।

इनका कहना है
55 एकड़ शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। कलेक्टर के आदेश पर यह कार्रवाही की गई है। इस भूमि पर शासकीय कार्य, खेल गतिविधियाँ, बाग बगीचा बनाया जाएगा।
रूपेश सिंघई, एसडीएम

Author: Jai Lok







