
बिना मोबाईल के जिला अस्पताल में नहीं बनती पर्ची
गरीबों को पर्ची बनवाने में छूट रहा पसीना
जबलपुर (जय लोक) जिला अस्पताल विक्टोरिया में इन दिनों मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। इलाज की आस लेकर आने वाले मरीजों को पर्ची बनवाने में भी पसीने छूट रहे हैं। ऐसे में या तो उन्हें बिना ईलाज के वापस लौटना पड़ रहा है या फिर घंटो पर्ची बनवाने के लिए माथा पच्ची करनी पड़ रही है। दरअसल यह पूरी समस्या उस समय से शुरू हुई जब पर्ची बनवाने के लिए ऑनलाइन रजिस्टे्रशन की शुरूआत की गई है। मरीज को राहत देने और लंबी कतार से छुटकारा दिलाने स्वास्थ्य विभाग ने ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा शुरू की। लेकिन यह सुविधा मरीजों और उनके परिवार वालों के लिए परेशानी बन गई। क्योंकि मोबाइल के बिना यह पंजीयन संभव नहीं हो पा रहा है। ऐसे में वे मरीज जिनके पास मोबाईल नहीं हैं या फिर मोबाईल के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं रखते हैं उन्हें पर्ची बनवाने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
आसपास के गाँव के आते हैं लोग
जिला अस्पताल में अधिकांश वे मरीज आते हैं जो गरीब तबके के हैं। शहर के अलावा आसपास के जिलों के मरीज भी आते हैं। यहां तक पहँुचने के लिए बड़ी मुश्किल से वे बसों के किराए के लिए पैसों की व्यवस्था करते हैं। उनका कहना है कि जब इलाज करवाने के लिए उनके पास पैसे ही नहीं हैं तो फिर वे मोबाईल का खर्चा कैसे उठा सकते हैं। इनमें से कुछ तो शिक्षित भी नहीं हैं। जिनके पास मोबाइल नहीं होते और मरीज के परिजन तकनीकी तौर बहुत दक्ष नहीं होते, ऐसे मरीजों से पर्ची बनवाने के लिए मोबाईल की माँग की जाती है। जिसके बाद मरीज वापस उलटे पैर लौट जाते हैं।
पर्ची काउंटर में लग रही लंबी लाईन
मरीजों का कहना है कि पहले पर्ची बनवाने में भले ही लंबी लाइन लगती थी लेकिन उतना समय नहीं लगता था जितना ऑनलाइन पर्ची बनवाने में लगता है। अब पर्ची काउंटर के लेकर मेडिसिन विभाग के आगे तक मरीजों की कतार लगी रहती है। मरीजों को घंटों इंतजार के बाद भी पर्ची और परामर्श नहीं मिलता। मरीजों का कहना है कि पहले वाला पर्ची देने का तरीका सही था। पहले 5 रुपए देकर तत्काल पर्ची बनवा लेते थे, ज्यादा समय नहीं लगता था। अब ऐसा नहीं होता, जिससे परेशानी बढ़ गई है।
मोबाईल नहीं तो टोकन नहीं
मरीजों का कहना है कि बहुत सारे मरीज ऐसे हैं जिनके पास मोबाईल नहीं रहता है। ऐसे में उन्हें टोकन नहीं मिलता। कई बार तो सर्वर की समस्या होने से मोबाईल एप्लीकेशन काम नहीं करती है।

Author: Jai Lok







