
अहमदाबाद
हाल ही में राजकोट के गेमिंग जोन में लगी भीषण आग के बाद सरकार ने अवैध गेमिंग जोन पर शिकंजा कसना शुरु कर दिया है। गुजरात के विभिन्न शहरों में चल रहे गेमिंग जोन की जांच की जा रही है। अब तक अवैध 18 गेमिंग जोन को सील कर दिया गया है। राजकोट में एक वाटर पार्क सहित आठ गेमिंग जोन को सील किया गया। अहमदाबाद में पुलिस ने चार अवैध गेमिंग जोन को सील किया है।
इसी तरह से सूरत के विभिन्न क्षेत्रों में छह गेमिंग जोन को सील किया गया। इस मामले की जांच के लिए गठित एसआइटी प्रमुख सुभाष त्रिवेदी ने कहा है कि यदि जरूरत पड़ी तो वरिष्ठ आइएएस और आइपीएस अधिकारियों से भी पूछताछ की जाएगी। इसकी अनुमति मिल गई है। वहीं राजकोट की एक अदालत ने बुधवार को टीआरपी गेमिग जोन अग्निकांड की जांच कर रही एसआइटी से स्थानांतरित किए गए आइपीएस और आइएएस अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामले न दर्ज करने को लेकर रिपोर्ट मांगी है। अदालत में याचिका दायर कर इन अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है। अदालत ने इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए एसआइटी से रिपोर्ट मांगी है।
एसआईटी ने कहा कि हमें राजकोट नगर निगम, अग्निशमन विभाग, पुलिस और बिजली विभाग से जुड़े अधिकारियों की भूमिका की जांच करने और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।एसआईटी प्रमुख त्रिवेदी के अनुसार, राजकोट गेमिंग जोन संचालकों ने अपने परिसर में 30 लीटर से अधिक पेट्रोल का भंडारण किया था। इसलिए, एफआइआर में संबंधित धाराएं जोड़ी जाएंगी। बिना मंजूरी लिए ही भूमि के एक टुकड़े पर गेमिंग जोन को खड़ा किया गया था। इस हादसे में मारे गए सभी लोगों के डीएनए का उनके रिश्तेदारों से मिलान कर लिया गया है। शवों को स्वजन को सौंप दिया गया है।इस बीच, गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी ने गांधीनगर में एसआइटी के सदस्यों के साथ बैठक कर जांच की प्रगति की समीक्षा की। राजकोट गेमिंग जोन में विगत सप्ताह आग लगने से इसके मुख्य मालिक सहित 36 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में बच्चे भी शामिल हैं। गुजरात पुलिस ने राजकोट स्थित टीआरपी गेङ्क्षमग जोन के एक और साझेदार को गिरफ्तार किया है। राजकोट के पुलिस उपायुक्त (अपराध) पार्थराज सिंह गोहिल ने बताया कि गेङ्क्षमग जोन संचालित करने वाली रेसवे एंटरप्राइजेज के पार्टनर किरीट ङ्क्षसह जडेजा को राजकोट-कलावड रोड से गिरफ्तार किया गया। जडेजा टीआरपी गेङ्क्षमग जोन के छह साझेदारों में से एक हैं।पुलिस ने इससे पहले युवराज सिंह सोलंकी, राहुल राठौड़, धवल ठक्कर (सभी गेम जोन पार्टनर्स) और इसके प्रबंधक नितिन जैन को गिरफ्तार किया था। जबकि, एक मुख्य साझेदार की आग लगने के दौरान ही मौत हो गई। डीएनए जांच से उनकी मौत की पुष्टि हो गई है। पुलिस ने उन्हें भी आरोपित बनाया था।

Author: Jai Lok






