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यूपी के कुख्यात बदमाश बनाते थे सुनारों को अपना निशाना, पनागर अंधी लूट का खुलासा, पुलिस के लिए बड़ी सफलता, टोल प्लाजा, मोबाईल, सीसीटीवी से बचते थे शातिर अपराधी

जबलपुर (जयलोक)। 16 दिसंबर को पनागर थाना क्षेत्र अंतर्गत भूरा ज्वैलर्स के सुनील सोनी और उनके पुत्र संभव सोनी को 6 हथियार बंद लुटेरों ने लूट लिया था और पिता पुत्र को मारपीट कर घायल किया था। भागते समय लुटेरों ने दुकान संचालक सुनील की पीठ पर कट्टे से गोली भी मार दी थी। यह सनसनीखेज लूट की वारदात पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई थी। क्योंकि शातिर लुटेरों ने पुलिस से बचने के लिए हर वह तरीका अपनाया था जिसके कारण वे पुलिस की नजरों में धूल झोंक सके। पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने बताया कि यूपी के रहने वाले ये सभी शातिर अपराधी हैं। जो सिर्फ सुनारों को अपना निशाना बनाते थे। ये पुलिस की जाँच प्रक्रिया से भी वाकिफ हैं और अपने स्तर पर बचने के लिए ना तो मोबाईल का उपयोग करते थे, ना ही ऐसे रास्तों का जहां टोल प्लॉजा पड़ता हो और सीसीटीवी कैमरे लगे हों ऐसे रास्ते का उपयोग नहीं करते थे। शुरूआती दौर में पुलिस के लिए यह अंधी लूट की वारदात बनी हुई थी लेकिन पुलिस की विवेचना के कई बिंदु होते हैं जिसमें तकनीकी बिंदुओं के आधार पर आरोपियों के हुलिए से लेकर पुराने अपराधियों की कार्यप्रणाली तक से साक्ष्य एकत्रित किए जाते हैं। इसी आधार पर पुलिस की विवेचना आगे बढ़ी और पुलिस को बड़ी सफलता हांथ लगी।

ये जेवर बरामद

आरोपी दीपक त्रिपाठी की निशादेही पर 98 ग्राम सोने के एवं चांदी के 1906 ग्राम वजनी जेवर तथा नगदी रकम 1 लाख रूपये एवं घटना मे प्रयुक्त बिना नंबर की सुपर स्पेलेण्डर मोटर साईकिल तथा आरोपी गोविन्द पाण्डे की निशादेही पर 54 ग्राम सोने के एवं 1104 ग्राम चांदी के जेवरात एवं अपाचे मोटर साईकिल बिना नंबर की जप्त की गयी है।

ये है घटनाक्रम

16 दिंसबर को आभूषण कारोबारी भूरा ज्वैलर्स के संचालक सुनील सोनी और उनके बेटे संभवन सोनी के साथ योजना बनाकर इस वारदात को अंजाम दिया गया। 16 दिसंबर की शाम 7-15 बजे भूरा सोनी तथा भतीजे कान्हा सराफ  दुकान बंद करके अपनी ओला स्कूटर से दुकान में रखे सोने चांदी के आभूषणों को चार थैलों मे रखकर घर जा रहे थे जिन्हें रास्ते मे सोनिया ज्वेलर्स के मकान के पीछे वाली गली में तीन मोटर साईकिलों से 6 व्यक्ति आकर कट्टे की नोंक एवं हथौड़ी से मारपीट कर सोने चांदी के आभूषण से भरे तीन थैले छुड़ाकर हाईवे की ओर भाग गये। मारपीट से सुनील के सिर एवं पीठ कंधे, ओठ में तथा भतीजे कान्हा उर्फ  सम्भव सोनी के सिर में बायें तरफ एवं दाहिने हाथ की मध्य वाली उंगली में चोट तथा बेटे सक्षम के चेहरे में खरोंच आई है जिन्हें ईलाज इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घायल सुनील सोनी, कान्हा सोनी से पूछताछ कर कथन लेख किये गये, कथनों पर 06 अज्ञात आरोपीगणों के द्वारा सोने के जेवरात लगभग 750 ग्राम एवं 10 से 12 किलो चांदी के जेवरात छुड़ाकर ले जाना तथा छुड़ाते समय एक आरोपी के द्वारा सुनील सोनी को पीठ में गोली मारना बताया गया,जिस पर प्रकरण में धारा 109(1) बीएनएस का इजाफा किया गया।
पतासाजी के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री पल्लवी शुक्ला को प्रकरण के आरोपियों के संबंध में सूचना प्राप्त हुयी। नगर पुलिस अधीक्षक गोरखपुर महादेव नागोतिया तथा थाना प्रभारी पनागर विपिन ताम्रकार की टीम उत्तर प्रदेश भेजकर मुखबिर से प्राप्त सूचना की तस्दीक कराये जाने पर ज्ञात हुआ कि वीरेन्द्र यादव, दीपक त्रिपाठी के द्वारा अपने साथियों गोविन्द पाण्डे, रवि पासी, रंजीत यादव, सत्यम तिवारी के साथ मिलकर उक्त घटना कारित की गई है।
संदेहीगणों की तलाश करते हुये सूचना पर प्रयागराज में दबिश देते हुये दीपक त्रिपाठी को तथा नगापुर में दबिश देते हुये गोविन्द पाण्डे उर्फ  कान्हा को पकड़ा गया। दोनो से पूछताछ करने पर पुलिस को पता चला कि वीरेन्द्र यादव का फरारी के दौरान जबलपुर में आकर रुकना एवं भूरा ज्वेलर्स की रैकी करने की बात बतायी तथा वीरेन्द्र यादव द्वारा रैकी कर सूचना देने पर वीरेन्द्र द्वारा ही चुराई हुई 2 मोटर साइकिल से प्रतापगढ़ से रवाना होकर पनागर आकर लूट की योजना बनाना बताया गया।

गड्ढा खोदकर जेवर छुपाए

आरोपियों ने बताया कि लूट के बाद इंद्राना के पास ग्राम बनखेड़ी मनका पहाड़ी के घने जंगल मे हिस्सा बटबारे के बाद अपने अपने हिस्से में मिले सोने चांदी के जेवरातों को जंगल मे गड्ढा खोदकर गड्ढों में आभूषण मेें छिपाए थे।

जेल में बंद है एक आरोपी

प्रकरण का एक आरोपी वीरेन्द्र यादव घटना के उपरांत जबलपुर पुलिस से बचने के लिये थाना जेठवारा जिला प्रतापगढ़ के एक अन्य अपराध में जिला प्रतापगढ न्यायालय में सरेंडर कर दिया जो वर्तमान मे जिला जेल प्रतापगढ़ में बंद है। जिसका प्रोटेक्शन वारंट प्राप्त कर आरोपी की गिरफ्तारी की प्रकिया प्रांरभ की गयी है। आरोपी रवि पासी, सत्यम तिवारी एवं रंजीत यादव की सरगर्मी से तलाश हेतु टीमें रवाना की गई। उल्लेखनीय है कि प्रकरण के सभी आरोपी काफी खतरनाक एवं खूखार किस्म के शातिर अपराधी हैं जिनके विरूद्ध उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश तथा महाराष्ट्र में लूट डकैती जैसे जघन्य अपराध पंजीबद्ध हैं ।

 

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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