
शासन ने संभागीय आयुक्त को शिकायतों की जाँच का जिम्मा सौंपा
जबलपुर (जय लोक) । रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. राजेश कुमार वर्मा अपनी मनमानी और लापरवाहीपूर्ण कार्यप्रणाली के कारण जाँच के दायरे में आखिरकार आ ही गए हैं। कुलगुरू की कारगुजारियों की जाँच का जिम्मा प्रदेश शासन की ओर से जबलपुर संभाग के संभागीय आयुक्त को सौंपा गया है। संभागीयआयुक्त कुलगुरू के खिलाफ की गई शिकायतों के जाँच करेंगे। वे अपनी जाँच रिपोर्ट प्रदेश शासन को भेजेंगे।
राज्यपाल सचिवालय और लोक सेवा प्रबंधन विभाग से मिली रानी दुर्गावती विवि के कुलगुरू के विरूद्ध सामने आईं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने जबलपुर संभागायुक्त को पत्र जारी कर कुलगुरु के विरुद्ध प्राप्त सभी शिकायतों पर बिंदुवार तथ्यात्मक प्रतिवेदन और स्पष्ट अभिमत जल्द से जल्द शासन को भेजने के लिए कहा है। उच्च शिक्षा विभाग के अवर सचिव राम कुमार यादव द्वारा जारी आदेश के तहत इस जांच प्रक्रिया को शुरू किया गया है।
दरअसल, रादुविवि शैक्षणत्तर कर्मचारी संघ एवं विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा 20 जून को राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया था। संघ ने विश्वविद्यालय में धारा-52 लागू करने और उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। इसी पत्र के आधार पर राजभवन के उपसचिव सुनील दुबे ने 22 जुलाई को प्रमुख सचिव (उच्च शिक्षा) को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे, जिसके बाद अब उच्च शिक्षा विभाग ने संभागायुक्त को जांच के आदेश सौंपे हैं। शिकायत में कुलगुरु की नियुक्ति, एसआईटी जाँच का मामला सहित अन्य मामलों को उठाया गया है। जिसे आधार बनाते हुए कुलगुरु को तत्काल हटाने की मांग की गई है।

तीन उच्च न्यायालय में विचाराधीन मामले
छात्रों द्वारा राजभवन भेजी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुलगुरू प्रोफेसर राजेश कुमार वर्मा के विरूद्ध उच्च न्यायालय जबलपुर के समक्ष याचिका क्रमांक 43097/2025 दाखिल हुई है। प्रकरण वर्तमान में विचाराधीन है। शिकायत में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि तीन न्यायालयीन प्रकरण प्रो. राजेश कुमार वर्मा के विरूद्ध विचाराधीन होने के बावजूद भी वे पद पर बने हुए है। सिर्फ यह कहकर कि उनके राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ एवं मुख्यमंत्री के करीबी अशोक कढ़ेल से पारिवारिक संबंध है। जिससे वो जो चाहे वह करें उनका कोई कुछ बिगाड़ नहीं सकता।

कुल सचिवों से टकराव
रानीदुविवि के कुलगुरू के विरूद्ध विवि के कुलसचिवों के साथ टकराव एक प्रमुख मुद्दा बना है। उनके कार्यकाल में बड़ी संख्या में कुलसचिव बदले गए हैं। इनमें एक कुल सचिव ने तो कुलगुरू के साथ काम ना करने का विधिवत पत्र भी शासन को भेजा है। कुलगुरू ने वित्तीय अनियमितताओं वाले निर्णय भी लिए हैं। वहीं प्रश्नपत्रों में गड़बड़ी तथा परीक्षा परिणामों को लेकर भी शिकायतें की गई हैं। इसके अलावा कर्मचारी संगठनों से भी कुलगुरू का टकराव एक बड़ा मुद्दा बना है। कर्मचारी संगठनों द्वारा लगातार कई दिनों तक धरना प्रदर्शन भी किया गया है। वहीं विवि में आंदोलन करने वाले छात्र-छात्राओं को कुलगुरू की मौजूदगी में कर्मचारियों द्वारा पीटे जाने की घटनाएं भी सामने आई हैं।





