
6 आरोपियों को प्रशासनिक टीम ने पकड़ा
जबलपुर (जयलोक)। शासन की निशुल्क चिकित्सा योजना पर एक निजी अस्पताल फर्जीवाड़ा करने की कोशिश में था। लेकिन समय रहते प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी भनक लग गई और 6 आरोपियों को पकड़ा गया। अब पुलिस इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों के बारे में भी पूछताछ कर रही है।
बताया जा रहा है कि डिंडौरी जिले के पिपरिया गांव में आयुष्मान कार्ड के जरिए ग्रामीणों को उपचार देने का वादा किया गया। प्रशासनिक टीम को जब इसकी भनक लगी तो टीम अलर्ट हुई और कार्रवाही शुरू की। जिसमें शहपुरा एसडीएम जमादार इरफान फरहान और तहसीलदार आरपी मार्को ने मौके पर दबिश देकर ग्रामीणों को जबलपुर ले जा रहे दलालों के नेटवर्क को रंगे हाथ पकड़ा।
तहसीलदार की शिकायत पर शहपुरा थाना पुलिस ने 6 आरोपियों पर विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया है। कार से गांव में मुनादी कराकर सर्दी, खांसी और बदन दर्द जैसी सामान्य तकलीफों से जूझ रहे लोगों को जमा किया गया था। प्रशासनिक सक्रियता से मरीजों से भरी बस और प्रचार में जुटी कार को जब्त कर लिया गया।

बड़े स्वास्थ्य घोटाले की आशंका
अधिकारियों के औचक निरीक्षण से अस्पताल प्रबंधन और बिचौलियों के अंतरराज्यीय नेटवर्क में खलबली मच गई है। जब्त वाहनों के दस्तावेज और आरोपितों के मोबाइल संपर्कों से व्यापक स्तर पर फर्जी बिलिंग का ब्योरा जुटाया जा रहा है। उच्च स्तरीय छानबीन आगे बढऩे पर चिकित्सा जगत से जुड़े कई सफेदपोश चेहरों पर कानूनी शिकंजा कसने के प्रबल आसार नजर आ रहे हैं।

झांसा देकर ले जा रहे थे अस्पताल
गांवों में प्रचार वाहन दौड़ाकर सामान्य रोगियों को बड़े उपचार का झांसा देकर निजी अस्पताल जबलपुर रवाना करने की तैयारी थी। शासन की नि:शुल्क चिकित्सा योजना की राशि हड़पने के लिए एजेंटों का गिरोह सुदूर अंचलों में कैंप लगाकर निर्धन परिवारों को निशाना बना रहा है। पूर्व में भी मरीजों को ले जा रही एक गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त होने से इस काले कारोबार की परतें खुली थीं।




