
वरिष्ठ अधिवक्ता के.डी. सिंह ने न्यायालय में रखे मजबूत तर्क
जबलपुर (जय लोक)। 13 अप्रेल 2016 को थाना लार्डगंज पुलिस के द्वारा रानीताल स्थित नोबल कम्प्यूटर दुकान पर एच.पी. कम्प्यूटर स्वत्वधारी की अनुमति के बिना नकली टोनर जिस पर एच.पी. 40ए, एच.पी. 88-ए, एच.बी.36 एच.पी.78 कुल नकली टोनर कार्टेज 18 कीमत लगभग 99,315 रूपये के खोखे रेपर पर एच.पी. कम्पनी का मार्क देकर विक्रय के लिए उपयोग किया गया। जिससे क्रयकर्ता को असली का भरोसा हो जाए। जिसे जप्त कर धारा 104 प्रतिलिप्याकार अधिनियम का अपराध दर्ज कर आरोपीगण को गिरफ्तार कर आरोप पत्र/चालान 18 मई 2016 को न्यायालय में पेश किया गया तथा आरोपीगण पर आरोप धारा 104 व्यापार चिन्ह अधिनियम का अपराध विरचित किया गया।
प्रकरण की सुनवायी/विचारण के समय फरियादी विप्लव घोष (विशेषज्ञ एच.पी. कम्पनी) कोलकता विवेचक साक्षी उपनिरीक्षक /निरीक्षक आदि अभियोजन साक्षियों का बयान कराया गया। जिनका प्रति परीक्षण जबलपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता कृष्ण देव सिंह द्वारा किया गया। प्रति परीक्षण में प्रकरण के अति आवश्यक साक्षी एच.पी. कम्पनी के विशेषज्ञ फरियादी तथा विवेचक, बचाव पक्ष के विद्वत्ता पूर्ण प्रश्नों के समक्ष टिक नहीं सके एवं विद्वान विचारण न्यायालय ने व्यापार चिन्ह अधिनियम के प्रावधानों का बारीकी से विश्लेषण करते हुए एवं धारा 104 व्यापार चिन्ह अधिनियम के आवश्यक तत्वों का अभाव पाते हुए, तथा अभियोजन साक्षी को भरोसे योग्य नहीं मानते हुए आरोपीगण को दोषमुक्त कर दिया।






