
जबलपुर (जयलोक)। बेलगाम यातायात और जाम के लिए आधे शहर की समस्या का कारण बने शहर के मध्य में संचालित हो रहे ट्रांसपोर्टरों को उनके हिस्से के भूखंड ट्रांसपोर्ट नगर में नहीं मिल पा रहा है। पूर्व से ही कुछ लोगों ने ट्रांसपोर्ट नगर के भूखंडों पर अपना कब्जा जमा रखा है। कई आपराधिक मामलों में आरोपी रह चुका तथाकथित अध्यक्ष राजेश अग्रवाल उर्फ बबलू के खिलाफ जबलपुर गुड्स ट्रांसपोर्ट तकनीक संगठन ने लिखित शिकायत आयुक्त नगर निगम, संपदा अधिकारी आदि को दी है कि नियम विरुद्ध तरीके से बबलू ने अपने और अपने परिजनों के नाम से 13 भूखंडों को हथिया लिया है।
साथ ही बबलू इन भूखंडों को नगर निगम की अनुबंध की शर्तों के विपरीत खुलेआम उल्लंघन कर किराए पर चलाकर मोटा मुनाफा कमा रहा है, साथ ही बाकी ट्रांसपोटरों का हक़ मार रहा है और निगम के खजाने में चूना लगा रहा है। लेकिन इसके बावजूद भी जो कार्रवाई वर्तमान में सामने आ रही है उससे तो यही प्रतीत हो रहा है की नगर निगम के कुछ अधिकारी शिकायत दर्ज होने के बावजूद जाँच करने के बजाय बबलू अग्रवाल को फायदा पहुँचाने का प्रयास कर रहे हैं। शायद इसलिए तो कोर्ट के आर्डर, आपत्तियों सब को दर किनार कर बबलू जैसे लोगों के 13 में से 5 प्लॉटों की लीज का नवीनीकरण कर दिया गया है।
जब फिर से इसकी शिकायत की गई तो एक सहायक आयुक्त ने शिकायत के जवाब में भ्रामक भाषा का सरकारी पत्र लिखते हुए यह सन्देश दे दिया की नगर निगम के अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन से ज्यादा विधि में स्थापित सिद्धांत के अनुसार त्रुटि सुधारने हेतु एक मौका दिया जा सकता है। भले ही फिर वह सालों से चोरी से नियम विरुद्ध तरीके से हथियाये गए एक ही व्यक्ति के 13 भूखंडों के नवीनीकरण का मामला क्यों ना। अजब गजब नगर निगम के अधिकारियों का यह कारनामा एक बार फिर एसोसिएशन की शिकायत के बाद सुर्खियों में है।

जिनकी जाँच की माँग की उन्हीं भूखंडों का कर दिया नवीनीकरण
नवीनीकरण किए गए भूखंडों की सूची में शामिल डी 16, डी 9, ई-23, भूखंड 55, 57 बधुआ गोदाम इन सारे भूखंडों के बारे में आपत्ति दर्ज होने के बावजूद भी और सबसे महत्वपूर्ण तथ्य नगर निगम की सर्वे टीम द्वारा किए गए सर्वे में इनमें किराएदार होना पाए जाना दर्ज है जो कि सीधे तौर पर नगर निगम के किए गए अनुबंध का खुला उल्लंघन है। इसके बावजूद भी तथाकथित व्यक्ति को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से इन भूखंडों का नवीनीकरण कर दिया गया। यहां तक की शिकायतकर्ता को सूचना के अधिकार के तहत किए गए नवीनीकरण के संबंध में जानबूझकर जानकारी भी नहीं दी जा रही है।

ट्रांसपोर्टर का भूखंड चल रही किराना दुकान
सर्वे के दौरान यहां मौजूद भूखंड क्रमांक ई 44 में किराने की दुकान का संचालन पाया गया। साइ मूवर्स के नाम से दर्ज इस भूखंड का नवीनीकरण भी कर दिया गया और वर्तमान में भी इसमें किराना दुकान संचालित हो रही है। इस स्थिति में ट्रांसपोर्ट नगर के प्लाटों के आवंटन की प्रक्रिया कितनी गैर जिम्मेदाराना तरीके से चल रही है इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। सही ट्रांसपोटर सडक़ पर व्यापार कर पुलिस की ,प्रशसन की चार बातें सुनने, जनता की गाली खाने मजबूर है। लेकिन उसको सही स्थान नहीं मिल पा रहा है।


लाखों लोग रोजाना होते हैं परेशान
ट्रांसपोर्ट नगर में चल रहे भूखंडों के नवीनीकरण के खेल में सबसे अधिक शहर की लाखों की संख्या में जनता रोजाना प्रभावित होती है। बलदेवबाग, दमोह नाका, आगा चौक ,बड़ी उखरी यह सब वह इलाके हैं जहां पर ट्रांसपोर्टर का कब्जा है और यह ट्रांसपोर्ट नगर नहीं जा रहे हैं। प्रतिदिन शाम को 3 से 4 घंटे तक इन सभी क्षेत्रों में भीषण जाम की स्थिति होती है और लाखों लोग परेशान होते हैं। ना एम्बुलेंस निकल सकती है ना फायर ब्रिगेड, ना पुलिस की गाड़ी। नगर निगम और यातायात पुलिस दोनों ही लाखों लोगों की परेशानी का हल नहीं निकाल पा रहे हैं।
उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश, फिर भी गैर व्यवसायियों के लीज का नवीनीकरण
जबलपुर गुड्स ट्रांसपोर्ट तकनीक संगठन के सचिव महेंद्र विश्वकर्मा ने उपरोक्त सभी जानकारियों के साथ निगम को दी अपनी शिकायत में बताया कि पूर्व में संगठन के द्वारा उच्च न्यायालय में दायर की गई याचिका के बाद उच्च न्यायालय की डबल बेंच के न्यायाधीश सुरेश कुमार चीफ जस्टिस एवं विवेक जैन की बेंच के स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी प्रकार की किराएदारी चाहे वो गैर ट्रांसपोर्टर की हो या ट्रान्सपोर्टस की उनके भूखंड की लीज के नवीनीकरण पर आगामी आदेश तक रोक रहेगी। लेकिन निगम के अधिकारियों ने इससे एक कदम आगे बढक़र खुलेआम नियमों का उल्लंघन करने वाले विवादित भूखंड धारी की लीज का नवीनीकरण कर दिया है।
अपनी ही नोटशीट को दर किनार कर फायदा पहुँचाने की कोशिश
बड़ी विडम्बना की बात है कि निगम प्रशासन के लोग आयुक्त के निदेर्शों के बावजूद भी प्राप्त शिकायतों के निराकरण करने के बजाय भूखंडों के नवीनीकरण के मामले में आरोपी लोगों को ही फायदा पहुंचाने के प्रयास कर रहे हैं। एसोसिएशन ने अपनी शिकायत में कहा कि राजेश उफ़ज़् बबलू ने नियम विरुद्ध हथियाए गए प्लॉटों की निगम प्रशासन निष्पक्ष जाँच करने के बजाय उसके जिम्मेदार अधिकारी उसके भूखंडों की लीज नवीनीकरण करने का रास्ता निकाल रहे हैं। निगम ने अपने सर्वे के दौरान बहुत से भूखंडों में किरायेदारी पाई थी। यहाँ तक ये बात उनकी नोटशीट में दर्ज पाई गई है। लेकिन जिसको लाभान्वित करना है उसके लिए सब रास्ते निकल आते हैं। इसलिए अब नोटशीट पर कार्यवाही करने के बजाय गलत तरीके और नियमों को दर किनार कर हथियाए गए भूखंडों की लीज का नवीनीकरण किया जा रहा है। जबकि आयुक्त ने बबलू अग्रवाल के सभी 13 भूखंडों से सम्बंधित आवंटन की शिकायतों और इनके नामांतरण की पूर्ण जाँच के निर्देश दिए थे। इस जाँच के बारे में कोई कुछ नहीं कह रहा है।
Author: Jai Lok






