
28 लोगों की जान बचाने वाले श्रमिकों को 51-51 हजार
मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए
जबलपुर (जय लोक)। बरगी बांध में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश देते हुए साफ कहा है कि इस घटना के जिम्मेदारों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने राहत और बचाव कार्य का जायजा लेने के दौरान बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि हादसे में 28 लोगों की जान बचाने वाले प्रत्येक श्रमिक को 51-51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

साथ ही मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरगी डैम पहुंचकर चल रहे रेस्क्र्य ऑपरेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि राहत कार्य में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना के गोताखोरों और जल जीवन मिशन के कर्मचारियों ने मिलकर सराहनीय कार्य किया है। शुरुआती समय में जल जीवन मिशन के कर्मियों ने ही 16 लोगों की जान बचाई, जिससे बड़ा नुकसान टल सका।

तीन बिंदुओं पर होगी उच्च स्तरीय जाँच
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हादसे की गहराई से जांच की जाएगी, जिसमें तीन प्रमुख बिंदुओं पर फोकस रहेगा, दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाना, हादसे के समय की परिस्थितियों का विश्लेषण, क्रूज संचालन से जुड़े नियमों और संभावित खामियों की जांच करना. उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के आधार पर एक सख्त एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) तैयार की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।


अब तक 9 शव बरामद, रेस्क्यू जारी
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हादसे में अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि बाकी लोगों की तलाश के लिए रेस्क्र्य अभियान लगातार जारी है।
प्रशासन और अधिकारियों को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने मौके पर मौर्जद अधिकारियों से राहत कार्य की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि बचाव अभियान में तेजी लाई जाए और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जाए। इस दौरान उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री राकेश सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
रेस्क्र्य ऑपरेशन में कई को बचाया गया
जानकारी के अनुसार, 72 वर्षीय सैयद रियाज हुसैन अपने परिवार के साथ बरगी डैम र्घमने गए थे। हादसे में उनकी पत्नी और समधन की मौत हो गई, जबकि उन्हें और उनके 13 वर्षीय नाती को घंटों बाद सुरक्षित निकाल लिया गया। वहीं सोनी परिवार भी घूमने गया था, जहां 45 वर्षीय नीर्त सोनी की मौत हो गई, जबकि 5 वर्षीय विराज सोनी अभी भी लापता है। परिवार के अन्य सदस्य सुरक्षित हैं।
Author: Jai Lok






