
जबलपुर (जयलोक)।मझौली में गेहूँ उपार्जन के दौरान हुई गड़बड़ी और 1.35 करोड़ की हेराफेरी में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाही करते हुए दस लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
खास बात यह है कि इस एफआईआर में सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारी आनंद भारसाकले, रीना लोधी, शुभम बर्मन, मयूरी लोधी, प्रमोद कुमार मिश्रा, प्रकाश पाण्डेय, अमन पाण्डेय, आकाश पाण्डेय, अनिल पटेल और रिंकू साहू सहित कुल 10 लोगों के नाम शामिल हैं। उपार्जन केंद्र पर कुल 5168.70 क्विंटल गेहूं कम पाया गया था जिसमें पोर्टल पर फर्जी एंट्री और बारदाने की गड़बड़ी की गई थी।

इस घोटाले में पहली बार खाद्य विभाग के अधिकारियों के साथ एनआरएलएम के कर्मचारियों, ग्राम संगठन के पदाधिकारियों, सर्वेयर और बिचौलियों पर आपराधिक मामला दर्ज हुआ है। जाँच टीम ने पाया कि उपार्जन केंद्र के स्टॉक और कंप्यूटर पोर्टल की एंट्री में बहुत बड़ा अंतर है। जमा रिकॉर्ड के मुकाबले मौके से 5168.70 क्विंटल गेहूं गायब पाया गया, जिसकी बाजार की कीमत लगभग 1.35 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस पूरी गड़बड़ी में सरकारी बारदाने के इस्तेमाल और उसके रिकॉर्ड में भी बड़े पैमाने पर हेरफेर किए जाने की पुष्टि प्रशासनिक जांच में हुई है। जिसमें मिलीभगत करके बिना किसी वास्तविक आवक के ही पोर्टल पर फर्जी तरीके से एंट्री दर्ज कर दी गई। जिसमें किसानों के नाम गलत मिले, फर्जी तौल पर्चियां भी जारी की गईं, बिना किसी सत्यापन के कागजी खानापूर्ति की गई।

अधिकारी भी फंसे
जाँच में यह पाया गया कि जिम्मेदार पदों पर बैठे अफसरों ने अपने शासकीय कर्तव्यों का ठीक से पालन नहीं किया जिसके कारण यह बड़ा हेराफेर हुआ। पुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य कडिय़ों को जोडऩे के लिए विस्तृत जांच को आगे बढ़ा रही है। आने वाले दिनों में कुछ और रसूखदार चेहरों और वरिष्ठ अधिकारियों पर भी कानूनी गाज गिरना तय माना जा रहा है।


Author: Jai Lok






