
कहा जबलपुर के साथ हो रहा अन्याय, छीना जा रहा हक
जबलपुर (जय लोक)। जबलपुर-इंदौर उड़ान बद होने के मामले में सांसद एवं वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि जबलपुर और महाकौशल के साथ अन्याय किया जा रहा है। लगातार जबलपुर की उपेक्षा की जा रही है।
उन्होंने कहा है कि वे जबलपुर और महाकौशल की मांग को लेकर हमेशा से आवाज उठाते रहेंगे। इतना ही नहीं उनकी आवाज को जबलपुर और महाकौशल के लोगों का समर्थन भी मिल रहा है। महाकौशल जबलपुर का एक बहुत पुराना दर्द है। जबलपुर और महाकौशल का सबसे बड़ा शहर है। एक समय था जब जबलपुर और इंदौर समकक्ष जिले थे। भोपाल तो जबलपुर के सामने छोटा शहर था वहीं रायपुर भी जबलपुर के सामने छोटा सा जिला था। लेकिन रायपुर में आज 16 विमान है वहीं जबलपुर में मात्र चार से पाँच ही फ्लाईट हैं। जबलपुर और महाकौशल की हो रही उपेक्षा का वे लगातार विरोध भी कर रहे हैं।
लगातार की जा रही उपेक्षा
वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने कहा कि जबलपुर और महाकौशल की लगातार उपेक्षा की जा रही है। जिस तरह से जबलपुर का विकास होना था उसे नजरअंदाज किया गया है। बल्कि जबलपुर का हक किसी अन्य शहर को दे दिया गया है। यहीं वजह है कि जो शहर पहले जबलपुर से काफी छोटे थे और विकास की गति काफी कम थी वे शहर आज जबलपुर से काफी आगे निकल गए हैं।
एक ही फ्लाईट थी जबलपुर से इंदौर के लिए
श्री तन्खा ने कहा कि शहर से इंदौर जाने वाले लोगों की संख्या अधिक है। छात्र हों, व्यापारी हो या फिर अधिवक्ता सभी को किसी ना किसी काम से इंदौर आना जाना पड़ता है लेकिन इसके बाद भी इंदौर जाने के लिए सिर्फ एक ही फ्लाईट थी जिसमें आने जाने में महज एक घंटे का समय लगता है, वह भी बंद की जा रही है।
जबलपुर से इंदौर जाने वाली फ्लाईट बंद होने से अब काफी समय लगेगा। वहीं हवाई यात्रियों को इंदौर जाने के लिए पहले भोपाल जाना पड़ेगा। जिसमें करीब पाँच घंटे का समय लगेगा।
जबलपुर और महाकौशल ने क्या बिगाड़ा
श्री तन्खा ने कहा कि जबलपुर और महाकौशल के लोगों ने क्या बिगाड़ा जो इनकी उपेक्षा की जा रही है। हम मेडिकल यूनिवर्सिटी लाए थे, उसको भी तीन भागों में कर दिया गया। हाईकोर्ट भी तीन भागों में कर दिया गया। इतना ही नहीं जो शहर अभी जबलपुर से पिछड़े हैं वे भी जबलपुर से तेजी से आगे आने की दौड़ में हैं। जब मन होता है जबलपुर से उसका हक छीन लिया जाता है।






