
लोकायुक्त की टीमों ने एक साथ तीन शहरों में मारे छापे
जबलपुर (जयलोक)। जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने दमोह में पदस्थ जीएसटी अधिकारी मनीष कुमार जैन के कई ठिकानों पर एक साथ छापामार कार्रवाई की है। अधिकारी के जबलपुर और भोपाल स्थित ठिकानों पर सुबह-सुबह दी गई दबिश में आय से 264 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने का खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच में अधिकारी की वैध आय महज 1.03 करोड़ रुपये के मुकाबले लगभग 3.78 करोड़ रुपये की संपत्ति का पता चला है।
जबलपुर, भोपाल और सागर में मिली बेनामी प्रॉपर्टी- लोकायुक्त की शुरुआती जांच और छापों के दौरान यह बात सामने आई है कि अधिकारी ने अपने और अपने परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर मध्य प्रदेश के कई जिलों में अकूत संपत्ति जुटाई है। जबलपुर, भोपाल और सागर में अधिकारी के नाम कई जमीनें, मकान, आलीशान फ्लैट, चार पहिया वाहन और अलग-अलग प्रकार की पॉलिसियां मिली हैं। लोकायुक्त की टीम दस्तावेजों को बारीकी से खंगालने में जुटे हुए हैं।
लोकायुक्त की तीन अलग-अलग टीमें कर रही हैं दस्तावेजों की जांच- जानकारी के मुताबिक लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक अंजूलता पटले को मनीष कुमार जैन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जिक करने की शिकायत मिली थी। इसके बाद निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया ने इस शिकायत का गंभीरता से सत्यापन किया। शुरुआती जांच में शिकायत सही पाए जाने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संशोधित धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया। यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश और पुलिस उपमहानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में की जा रही है। लोकायुक्त की तीन अलग-अलग टीमें अधिकारी के ठिकानों पर मौजूद रहकर दस्तावेजों और संपत्तियों की सघन जांच कर रही हैं। फिलहाल कार्रवाई जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।
भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति- वर्तमान में दमोह में पदस्थ वाणिज्यिक कर अधिकारी मनीष कुमार जैन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत मिली थी जांच में पाया गया कि उनके पास वैध आय से लगभग 264.64 प्रतिशत अधिक संपत्ति है। लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक अंजूलता पटले के निर्देशन में उप पुलिस अधीक्षक नीतू त्रिपाठी, रेखा प्रजापति और अन्य निरीक्षकों की टीमें दस्तावेजों की विस्तृत जांच कर रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक जांच पूरी होने के बाद संपत्ति का कुल वास्तविक आंकड़ा और भी बढ़ सकता है।
एक साथ हुई कार्रवाही- लोकायुक्त की अलग-अलग टीमों ने मंगलवार सुबह एक साथ अधिकारी के जबलपुर, भोपाल और सागर स्थित ठिकानों तथा घरों पर तलाशी अभियान शुरू की। इस बड़ी छापामार कार्रवाई के बाद वाणिज्यिक कर विभाग और प्रशासनिक गलियारों में हडक़ंप मच गया है तथा लोकायुक्त की सर्चिग अभी भी जारी है।
शिकायत के सत्यापन के बाद दर्ज हुआ मामला- लोकायुक्त एसपी अंजूलता पटले को मनीष कुमार जैन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी। निरीक्षक बृज मोहन सिंह नरवरिया ने शिकायत का सत्यापन किया। प्रथम दृष्टया शिकायत सही पाए जाने पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मंगलवार सुबह 6 बजे से तीन शहरों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया।
दमोह में पदस्थ हैं अधिकारी – मनीष कुमार जैन जबलपुर की रिलाएबल डेवलपर कॉलोनी में रहते हैं और वर्तमान में दमोह में वाणिज्यिक कर अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं। लोकायुक्त की टीमें विभिन्न ठिकानों से मिले दस्तावेजों और संपत्तियों से संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद संपत्तियों के वास्तविक मूल्य, आय के स्त्रोत और कथित आय से अधिक संपत्ति के मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
ये मिली संपत्ति – 1. जबलपुर में अनावेदक ने स्वयं के नाम से जबलपुर में 278.74 वर्ग मीटर भूमि क्रय की है जिसकी अनुमानित कीमत 1 करोड़़ 43 लाख 60 हजार 880 रुपये है। 2. जबलपुर में ही अनावेदक की पत्नी निधि जैन के नाम से 116.14 वर्ग मीटर, भूमि क्रय की है जिसकी अनुमानित कीमत 95,6,375/-रुपये है। 3. जिला भोपाल में अनावेदक की पत्नी निधि जैन के नाम से 180 वर्ग मीटर भूमि क्रय की है जिस पर अनावेदक ने बंगला बनाया है जिसकी अनुमानित कीमत 22,87,126 रुपये है।4. अनावेदक के द्वारा अपनी पत्नी निधि जैन के नाम 402.41 वर्ग मीटर प्लॉट क्रय किया है जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 13,68,550/- रूपये है। 5. अनावेदक ने अपनी पत्नी निधि जैन के नाम से भोपाल में 83.18 वर्ग मीटर का फ्लैट क्रय किया है जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 13,34,630 रूपये है।6. अनावेदक ने अपनी माता शशि जैन के नाम से बन्डा सागर में 92.93 वर्ग मीटर का प्लाट क्रय कर उस पर मकान बनाया है जिसकी अनुमानित लागत 23,49,140/- रूपये है। 7. अनावेदक ने अपने पिता कोमल चंद जैन के नाम से बन्डा सागर में 91.07 वर्ग मीटर का प्लाट क्रय कर उस पर मकान बनाया है जिसकी अनुमानित लागत 43,19,388 रूपये है। 8. अनावेदक ने अपने पिता कोमल चंद जैन के नाम से बन्डा सागर में 111.48 वगज़् मीटर का प्लाट क्रय कर उस पर मकान बनाया है जिसकी अनुमानित लागत 28,6,485/- रूपये है। 9. अनावेदक ने अपनी पत्नी निधि जैन के नाम से मारुति स्विफ्ट कार एवं सुजुकी एक्सेस वाहन क्रय की है जिसका अनुमानित मूल्य 5 लाख 10 हजार रुपए है।10. अनावेदक द्वारा अपने एवं परिवार के सदस्यों के नाम से बीमा पॉलिसी ली गई है। जिनका अनुमानित व्यय 33,93,986 रुपए है। आरोपी मनीष कुमार जैन की कुल आय 1,03,73,317 रूपये है जबकि कुल 3,78,25,707 रुपये का व्यय किया जाना अभी तक की जाँच में पाया गया है जो कि कुल अर्जित आय का 264.64 प्रतिशत अनुपातहीन है।
तीन टीमों के अधिकारी- टीम-1 – टीम में उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती नीतू त्रिपाठी, निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया, राहुल गजभिये एवं अन्य टीम सदस्य टीम-2- श्रीमती रेखा प्रजापति, उप पुलिस अधीक्षक, निरीक्षकगण शशि मस्कुले, जितेंद्र यादव एवम अन्य टीम सदस्य टीम-3 – श्रीमती रजनी तिवारी, निरीक्षक एवं अन्य टीम सदस्य शामिल रहे।





