Download Our App

Home » जबलपुर » ठेकेदार ब्लैक लिस्ट हो जाएंगे तो इंजीनियर्स की रोजी रोटी का क्या होगा….

ठेकेदार ब्लैक लिस्ट हो जाएंगे तो इंजीनियर्स की रोजी रोटी का क्या होगा….

चैतन्य भट्ट
(जय लोक)। प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने अपने इंजीनियर्स और अफसरों की बैठक में एक ऐसा सवाल पूछ लिया जिसको सुनकर सारे इंजीनियर्स और अफसरों की घिग्घी बँध गई। मंत्री जी ने अपने इंजीनियरों से कहा कि ये बताइए कि जिन ठेकेदारों ने ठीक काम नहीं किया उनमें से कितने ठेकेदारों को आपने ब्लैक लिस्ट कर दिया? ये सवाल सुनते ही सारे इंजीनियरों और अफसरों को जैसे सांप सूंघ गया वे कोई जवाब दे नहीं पाए किसी ने कहा लिस्ट अभी लंबित है बहुत जल्द हम आपको बता देंगे। अपने को तो एक बात समझ में नहीं आती कि मंत्री जी ने ऐसा कठिन सवाल पूछ क्यों लिया जो कभी इन लोगों के ‘सिलेबस’ में ही नहीं रहा, अभी तक की नौकरी में जो सवाल ना कभी पूछा गया ना कभी परीक्षा के दौरान सामने आया वो मंत्री जी ने कैसे अपने प्रश्नपत्र में सेट कर दिया। दुनिया जानती है कि ठेकेदारों अफसरों और इंजिनियर्स के बीच तो चोली दामन का साथ होता है उसी का प्रतिफल होता है कि सडक़ बनती है, पुल बनता है, या और कोई निर्माण होता है वो साल दो साल में उसी अवस्था में आ जाता है जिस अवस्था में काम शुरू हुआ था, और फिर यदि इंजीनियर और अफसर ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट करने लगे तो उनकी रोजी-रोटी कैसे चलेगी? उनके ही दम पर तो उनके सारे ऐशो आराम चलते आए हैं और चलते रहेंगे। ‘जब तक चांद और सूरज रहेगा तब तक हमारा दोस्ताना बना रहेगा, ये नारा इनके बीच चलता रहता है मंत्री जी ने एक और सर दर्द इन के सिर पर डाल दिया है कि आप लोग निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण करो और अगर कोई गड़बड़ी होती है तो उस पर तत्काल कार्यवाही करो, अभी तक तो ये होता था कि ठेकेदार ने पूरा काम कर दिया उसका पूरा पेमेंट भी हो गया हिस्सा भी जिन तक पहुंचना था उन तक पहुंच गया और मामला खत्म। साल दो साल बाद जब कोई गड़बड़ी आएगी तो फिर नए सिरे से उसको सुधारने का ठेका दे दिया एक दूसरे ठेकेदार को भी ‘ओब्लाइज’ कर दिया जाएगा लेकिन अब मंत्री जी ने इसमें रोड़ा अटका दिया है कह रहे हैं कि काम के बीच में ही औचक निरीक्षण करो ताकि काम खत्म होने के पहले ही गड़बडय़िों का पता लग जाये। अपनी तो मंत्री जी से एक ही गुजारिश है कि ऐसे ऐसे कठिन सवाल आप इन लोगों के सामने मत रखिए जिनका उत्तर उनको मालूम ही नहीं है क्योंकि आज तक किसी ने ऐसा सवाल उनसे पूछा नहीं तो जो सवाल उनसे आज तक पूछा नहीं गया उसका जवाब वे बेचारे दें तो दें कहां से? और यदि कामों में गड़बड़ी के आधार पर ठेकेदार ब्लैक लिस्ट होने लगे तो फिर तो प्रदेश में कोई ठेकेदार ऐसा बचेगा ही नहीं जो ब्लैक लिस्ट ना हो पाए। अब आप खुद ही सोचो कि बेचारे ठेकेदार करें तो क्या करें सही काम करते हैं तो पैसा बचता नहीं इसलिए गुणा भाग तो करना पड़ता है और जब गुणा भाग करना पड़ता है तो फिर अफसरों और इंजीनियरों को भी खुश करना पड़ता है क्योंकि यदि वो खुश नहीं होंगे तो समझ लो आप कितना ही अच्छा काम कर लो महीनों पेमेंट नहीं होगा इसलिए झंझट से बचने के लिए ठेकेदार भी वही करते हैं जो बरसों से चली आ रही परंपरा है उनको भी मालूम है कि इसी परंपरा का निर्वहन करने से उनका काम आसानी से संभव हो पाएगा लेकिन देखना पड़ेगा मंत्री जी ने जो सवाल उठाया है उसका किस तरह का जवाब ये इंजीनियर और अफसर देते हैं।

अब तो जनता के बीच जाना पड़ेगा

प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने एक ऐलान कर दिया कि बहुत हो गई मीटिंग, पीसी, अब हर शुक्रवार को मंत्रियों को, कलेक्टरों, को कमिश्नरों को जनता के दरवाजे पर जाना पड़ेगा और उनकी जो समस्याएं होंगी उन्हें उसी वक्त हल करना पड़ेगा और जो नहीं हल हो पा रही है उनके बारे में भी जनता को बताना पड़ेगा कि उनकी समस्या कैसे हल होगी। मुख्यमंत्री जी ने एक ऐसी आफत इन लोगों पर डाल दी है इसको लेकर ये तमाम लोग भारी हलाकान हो गए हैं वरना अभी तक रोज मीटिंगों और बैठकें चलती थी और इसी में पूरा दिन व्यतीत हो जाता था, जनता आती थी लेकिन साहब मीटिंग में है साहब पीसी में है कहकर उन्हें वापस लौटा दिया जाता था। अपने को तो पता लगा है कि मुख्यमंत्री जी को खबर मिली थी कि ये अफसर सिर्फ मीटिंगों का बहाना बनाकर जनता के काम नहीं करते इसलिए अब उन्होंने ऐलान कर दिया हैं कि जुमे के रोज कोई मीटिंग नहीं होगी सिर्फ एक ही काम होगा और वो होगा जनता के दरवाजे पर जाना, जो अफसर पूरे हफ्ते मीटिंग के नाम पर मजा मारते रहते थे अब उन्हें कष्ट होने वाला है वैसे देखना तो ये भी होगा कि मुख्यमंत्री जी के आदेश का पालन कितना होता है क्योंकि ना केवल डॉक्टर मोहन यादव, बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कितनी बार कलेक्टरों कमिश्नरों से कहा है कि वे एक रात गांव में गुजारें लेकिन इसके कोई आंकड़े सामने नहीं आए कि कितने कमिश्नर कलेक्टर ने गांव में रात गुजारी। अगर इसी तर्ज पर ये आदेश भी इन लोगों ने कोई ना कोई बहाना बनाकर हवा में उड़ा दिया तो कोई आश्चर्य नहीं होगा।

दामाद तो दामाद होता है

एक खबर आई है कि अमेरिका के राष्ट्रपति ‘डोनाल्ड ट्रंप’ और ईरान के बीच जो वाताज़् हुई थी उसको लीक करके ट्रंप के दामाद ने शेयर मार्केट में छियासी हजार करोड़ की कमाई कर ली, जैसे ही ये खबर ईरान को मिली उसने कहा कि अपनी बातचीत से अगर दामाद जी को छियासी हजार करोड़ मिले तो उसमें से फिफ्टी परसेंट हमारा भी बनता है इसलिए त्रेतालीस हजार करोड़ रुपए हमें दिए जाएं अब ट्रम्प साहब उनका क्या देते हैं यह अलग मुद्दा है लेकिन दमाद तो दामाद होता है लोग बाग बिटिया को विदा करते हैं तो दामाद को दहेज के नाम पर पता नहीं क्या-क्या देते हैं और फिर जिंदगी भर तो कुछ ना कुछ उन्हें देना ही पड़ता है ये तो अपने सिस्टम में भी है इसी सिस्टम को ट्रंप साहब ने भी आजमा लिया, दामाद है तो दामाद को कैसे फायदा पहुंचाया जाए ये उनके दिमाग में रहा होगा सो उन्होंने चुपचाप दामाद को बुलाकर कान में सारी बातें बतला दी होगी और दामाद साहब ने उसके दम पर शेयर मार्केट में पैसा लगाकर उससे हजारों करोड रुपए कमा लिए होंगे। अपने को इसमें कुछ गलत नहीं लगता दामाद का अपना एक महत्व होता है और हर कोई चाहता है कि वो अपनी बेटी के पति यानी दामाद तो कितना माल दे तो वही काम ट्रंप जी ने कर दिया अब देखना तो ये होगा कि जो मांग ईरान ने रखी है कि यदि हमारी और अमेरिका की वार्ता से दामाद जी को जो कमाई हुई है उसका आधा पैसा उसे दिया जाए इस पर ट्रम हो सकता है आज कह देंगे ठीक है हम फिफ्टी परसेंट दे देंगे कल फिर कह देंगे फिफ्टी परसेंट तो छोड़ो हम आपको पंजी ना देंगे, परसों कहेंगे ठीक है फिफ्टी नहीं ट्वेंटी फाइव ले लो उसके दूसरे दिन कहेंगे एक धेला नहीं मिलेगा उल्टा तुम हमको पैसा दो, क्योंकि उनकी जुबान का कोई भरोसा तो बचा नहीं है आज कुछ बोलते हैं कल कुछ बोलते हैं परसों कुछ और बोलते हैं ईरान वालों को तो अपनी एक ही सलाह है कि जिस दिन बोले कि हाँ फिफ्टी परसेंट ले लो उसी दिन उनसे नगद पैसे ले ली तभी फायदे में रहोगे।

सुपर हिट ऑफ द वीक

‘यदि तुमने मुझसे शादी नहीं की तो मैं सुसाइड कर भूत बन जाऊंगा’ श्रीमान जी ने अपनी प्रेमिका से कहा
‘कोई फायदा नहीं मेरे मां बाप भूत प्रेत पर विश्वास नहीं करते’ प्रेमिका ने उत्तर दिया।

राफेल-एम और कैरियर स्ट्राइक ग्रुप से बढ़ेगी भारत की समुद्री ताकत

 

Jai Lok
Author: Jai Lok

RELATED LATEST NEWS

Home » जबलपुर » ठेकेदार ब्लैक लिस्ट हो जाएंगे तो इंजीनियर्स की रोजी रोटी का क्या होगा….

Top Headlines

पश्चाताप का द्वार कभी बंद नहीं होता, जहाँ एक पापी राजा का कोढ़ भी शिव-दर्शन मात्र से धुल गया, उज्जैन के 84 महादेवश्री लुम्पेश्वर महादेव (41वें महादेव)

डॉ. नवीन आनंद जोशी (जयलोक)। उज्जैन की पावन धरा, जिसे साक्षात् महाकाल वन कहा जाता है, केवल महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की

Live Cricket