Download Our App

Home » News » नगर निगम चुनाव के लिए कांग्रेसी अभी से करने लगे आवेदन

नगर निगम चुनाव के लिए कांग्रेसी अभी से करने लगे आवेदन

कांग्रेस तीन माह पहले तय करेगी उम्मीदवार

जबलपुर (जय लोक)। नगर निगम के चुनाव के लिए अभी करीब 1 साल का समय बाकी है लेकिन प्रदेश के दो प्रमुख राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं। भारतीय जनता पार्टी अभी से उम्मीदवारों को खोजने का काम शुरू करने जा रही है। वहीं प्रदेश के प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने भी यह तय किया है कि चुनाव के तीन माह पहले नगर निगम के चुनाव के उम्मीदवारों का चयन कर लिया जाएगा। इन उम्मीदवारों के चयन की घोषणा सार्वजनिक रूप से तो नहीं की जाएगी लेकिन चुनाव लडऩे वाले उम्मीदवारों को पार्टी की ओर से चुनाव लडऩे का संकेत कर दिया जाएगा ताकि उम्मीदवार चुनाव लडऩे की तैयारी शुरू कर सके। प्रदेश कांग्रेस के संगठन मंत्री डॉ संजय कामले ने समाचार पत्रों को बताया है कि अगले नगर निगम के चुनाव के लिए प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में अभी से उम्मीदवारों ने आवेदन भेजना शुरू कर दिया है।
पिछले बार हुए नगर निगम के चुनाव में कांग्रेस संगठन उम्मीदवारों के चयन करने में काफी देर कर चुका था इसका यह नतीजा हुआ कि बहुत से उम्मीदवार ठीक तरीके से चुनाव नहीं लड़ पाए। इसलिए अब प्रदेश कांग्रेस संगठन एनवक्त पर उम्मीदवारों का चयन नहीं करेगा। बल्कि कांग्रेस द्वारा उम्मीदवारों का चयन तीन माह पहले ही कर लिया जाएगा ताकि उम्मीदवार बेहतर तरीके से चुनाव लडऩे की तैयारी कर सकें।
अगले नगर निगम के चुनाव को लेकर संगठन की तैयारी पर प्रदेश कांग्रेस के संगठन महामंत्री यह दावा भी कर रहे हैं कि चुनाव अकेला उम्मीदवार नहीं लड़ेगा बल्कि पूरा चुनाव संगठन लड़ेगा। कांग्रेस का अब बूथ स्तर तक संगठन बन गया है इसलिए कांग्रेस संगठन को वार्ड स्तर पर चुनाव लडऩे में कोई असुविधा नहीं होने वाली है।
नगर निगम के चुनाव की तैयारी प्रदेश चुनाव आयोग द्वारा 3 माह पहले शुरू कर दी जाएगी। नगर निगम के चुनाव के लिए जहां प्रदेश के 16 नगर निगमों के लिए महापौर के पद के लिए आरक्षण कर दिया जाएगा। वहीं नगर निगम के अंतर्गत आने वाले वार्डों के लिए भी आरक्षण हो जाएगा। तीन माह पहले जैसे ही आरक्षण होगा वैसे ही कांग्रेस संगठन भी अपने उम्मीदवारों का चयन कर लेगा।

पिछले नगर निगम के चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवारों के चयन में बड़ी अफरा तफरी मच गई थी। कुछ शहरों में तो कई वार्ड ऐसे रहे जहां संगठन उम्मीदवारों का चयन भी नहीं कर पाया था। कांग्रेस को कई वार्ड में उम्मीदवार भी नहीं मिल पाए थे। लेकिन अब कांग्रेस पिछले चुनाव में हुई गड़बडिय़ों को ध्यान में रखकर इस बार अभी से सजग हो गई है और इस बार कांग्रेस पूरी सतर्कता के साथ और ताकत लगाकर नगर निगम के चुनाव लड़ेगी ऐसा दावा संगठन के पदाधिकारी कर रहे हैं।
गुटबाजी के शिकार कांग्रेसी कैसे लड़ेंगे निगम का चुनाव
अगले साल नगर निगम के चुनाव होने जा रहे हैं। राजनीतिक दृष्टि से यह चुनाव बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। 2027 में नगर निगम के चुनाव होने के बाद 2028 में विधानसभा के चुनाव भी होंगे। भाजपा जहां चुनावी तैयारियों और संगठन विस्तार में जुटी है, वहीं कांग्रेसी अब भी अंदरूनी वर्चस्व की लड़ाई से बाहर नहीं निकल पाये हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल के शहर आगमन को लेकर भी स्थानीय कांग्रेसियों ने गुटबाजी को खुलकर हवा दी और सोशल मीडिया पर भी यह कांग्रेसी गुटबाजी की चर्चा करते नजर आए। कांग्रेस पार्टी के भीतर टिकट वितरण से लेकर चुनाव प्रचार तक गुटों का प्रभाव दिखाई देने की संभावना इस बार भी जताई जा रही है। यदि समय रहते संगठनात्मक एकता नहीं बन पाई, तो इसका सीधा असर नगर निगम चुनाव के परिणामों पर पड़ सकता है।

पिछले बार के नगर निगम के चुनाव और इसके बाद हुए विधानसभा के चुनाव में कांग्रेसियों की गुटबाजी खुलकर सामने आई थी नगर निगम के चुनाव में कांग्रेस के कई प्रभावी कार्यकर्ता और नेता निर्दलीय चुनाव लड़े तो वहीं कई नेता आम आदमी पार्टी और ओवेसी की पार्टी जैसी दूसरी पार्टी से उम्मीदवार बनने में भी पीछे नहीं रहे। कांग्रेस के ऐसे विद्रोही उम्मीदवारों ने कई वार्डों में कांग्रेस के अधिकृत उम्मीदवारों को हराने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इसी तरह नगर निगम के चुनाव के समय उपजी गुटबाजी का असर विधानसभा के चुनाव पर भी साफ  नजर आया था और कुछ कांग्रेसी तो खुलकर विधानसभा में पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ  भीतरघात कर रहे थे। कई कार्यकर्ताओं का मानना है कि पार्टी के भीतर संवाद की कमी और समन्वय का अभाव कांग्रेस को लगातार कमजोर कर रहा है। शहर में कई कांग्रेसी शहर में होने वाले आंदोलनों और सामाजिक कार्यक्रमों में भी अक्सर एकजुट नजर नहीं आते। कई बार अलग-अलग गुट एक ही मुद्दे पर अलग-अलग कार्यक्रम करते दिखाई देते हैं। इससे न केवल संगठन की छवि प्रभावित होती है, बल्कि आम कार्यकर्ताओं में भी भ्रम की स्थिति बनती है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि कांग्रेस पार्टी को नगर निगम चुनाव में मजबूत वापसी करनी है, तो सबसे पहले गुटबाजी खत्म कर जमीनी स्तर पर संगठन को सक्रिय करना होगा।

नगर निगम चुनाव के लिए भाजपा शुरू करने जा रही है तैयारियाँ

Jai Lok
Author: Jai Lok

RELATED LATEST NEWS

Home » News » नगर निगम चुनाव के लिए कांग्रेसी अभी से करने लगे आवेदन

Top Headlines

Live Cricket