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नर्मदा का प्रवाह रोककर नदी में बना दी सड़क, दहल उठा नर्मदा भक्तों का दिल…खुलेआम नदी में प्रदूषण

राँझी तहसील के जमतरा और जबलपुर तहसील के खिरैनी घाट में मनमानी,खुलेआम नदी में प्रदूषण

जबलपुर (जय लोक)। जबलपुर की ऐतिहासिक विरासत जमतरा रेलवे पुल को कबाड़ के भाव बेचकर साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे नागपुर ने संस्कारधानी के लोगों से एक बड़ी ऐतिहासिक धरोहर छीन ली। अब कबाड़ी ठेकदार माँ नर्मदा के आँचल को गन्दा करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। जमतरा में नर्मदा नदी के ऊपर बना यह लोहे का रेलवे का ब्रिज 1903-1905 के बीच बना था। इस की शुरुआत 1927 को होने की जानकारी रिकॉर्ड में मिलती है। जानकर बताते हैं कि इसका निर्माण इंग्लैंड में उसी तर्ज पर हुआ था जिस प्रकार कोलकाता के हावड़ा ब्रिज का निर्माण हुआ है। समय अवधि लगभग दोनों की बराबर थी, कोलकाता का हावड़ा ब्रिज भी 100 साल की अवधि पूर्ण कर चुका है, लेकिन साउथ ईस्ट रेलवे ने पैसे की लालच में मजबूत और ऐतिहासिक निर्माण को कबाड़ी को नीलाम कर दिया।

बहुत अधिक विरोध होने के बावजूद भी जबलपुर के किसी भी जनप्रतिनिधि ने इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने का प्रयास नहीं किया। जिसका परिणाम यह हुआ कि ठेकेदार ने आनन फानन में माँ नर्मदा नदी में प्रदूषण की चिंता किए बगैर और नर्मदा नदी में रहने वाले जीव जंतुओं की सुरक्षा को दर किनार करते हुए ऐसे मजबूत लोहे के हजारों टन वजनी पुल को सीधे नर्मदा नदी में गिरा दिया। कई महीनों से इस पुल का टूटा हुआ बड़ा हिस्सा नर्मदा नदी की धारा को भी प्रभावित कर रहा था और लगातार नदी में प्रदूषण भी कर रहा था।

अब ठेकेदार ने सारी हदों को पार करते हुए नर्मदा नदी की धारा को रोकते हुए नदी के अंदर ही 300-400 मीटर की सडक़ बना दी है। इसके लिए किसी से कोई अनुमति नहीं ली गई और मनमर्जी से नर्मदा नदी को प्रदूषित करने का कार्य लगातार किया जा रहा है। नदी का प्रवाह रोककर बनाए गए मार्ग पर बड़ी बड़ी क्रेन, ट्रक, हाइवा, डंपर सब दौड़ाये जा रहे है। जैसे इनको कोई भी रोकने टोकने वाला नहीं है।

                                                       खिरैनी घाट की ओर से भी बनाया रास्ता

माँ नर्मदा का प्रदूषण केवल राँझी तहसील के अंतर्गत आने वाले जमतरा घाट की ओर से नहीं किया गया बल्कि सामने स्थित जबलपुर तहसील के अंतर्गत आने वाले खैरानी घाट की ओर से भी ठेकेदार ने मनमानी करते हुए अवैध रूप से खोदी गई मुरम,मिट्टी, बोल्डर, नदी में भर के सडक़ निर्माण कर नर्मदा जी का प्रवाह बाधित किया और यहां भी रोड डाल दी है।

गैस सिलेंडर से हो रहा कटाई का कार्य

वर्तमान समय में ईरान अमेरिका के युद्ध के कारण भारत देश में भी रसोई गैस की किल्लत मची हुई है। लेकिन उसके बावजूद भी यहाँ पर नियम विरुद्ध तरीके से रसोई गैस सिलेंडर के जरिए नर्मदा नदी के बीच में पड़े पुल को टुकड़े-टुकड़े में काटने का कार्य हो रहा है। वेल्डिंग के कार्य से निकलने वाला केमिकल सीधे नदी में मिल रहा है।

अवैध उत्खनन कर बनाया मार्ग

बड़े आश्चर्य की बात है कि जमतरा गांव एवं खिरनी गांव की ओर स्थित पक्के घाटों के बाजू से कबाड़ी ठेकेदार ने मनमानी करते हुए नर्मदा नदी का प्रवाह रोककर आधी नदी तक रोड बना डाली है। लेकिन प्रशासन के साथ-साथ किसी भी नर्मदा भक्त ने इसके खिलाफ न तो आवाज उठाई और ना ही उन्होंने इसके विरोध में कोई कदम उठाया। यहां तक की नर्मदा नदी में डाली गई मुरम और मिट्टी की खुदाई भी अवैध रूप से बिना अनुमति के की गई है।

पटवारियों ने जमा की रिपोर्ट कार्यवाही का इंतजार

सूत्रों के अनुसार प्रशासन के संज्ञान में यह मामला आ चुका है अधिकारियों के निर्देश पर संबंधित क्षेत्र के पटवारी को मौका निरीक्षण के लिए भेजा गया था इसके बाद पटवारियों के द्वारा संबंधित प्रकरण से जोड़ी रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कर दी गई है। अब कार्यवाही की प्रतीक्षा की जा रही है। लेकिन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में किस तरह से मनमानी चल रही है यह इस बात का जीवंत उदहारण है।

Jai Lok
Author: Jai Lok

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