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पत्रकारिता की आड़ में ब्लैकमेलिंग और अवैध गतिविधियों पर कठोर कार्रवाई की उठी माँग पुलिस अधीक्षक को पत्रकारों ने सौंपा ज्ञापन

जबलपुर, (जयलोक)।  जिले में कथित फर्जी पत्रकारों की बढ़ती गतिविधियों को लेकर सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। कलमवीर संघर्ष संगठन के नेतृत्व में पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर फर्जी पत्रकारिता के विरुद्ध जांच एवं कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान पत्रकारिता की आड़ में कथित रूप से संचालित ब्लैकमेलिंग, अवैध वसूली और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई।कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और इसका मूल उद्देश्य समाज एवं शासन के बीच पारदर्शिता बनाए रखना तथा जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में ऐसे मामलों की शिकायतें बढ़ी हैं जिनमें कुछ लोग बिना वैध मान्यता, पंजीकरण अथवा अधिकृत समाचार संस्थानों से जुड़े बिना स्वयं को पत्रकार बताकर विभिन्न स्थानों पर प्रभाव जमाने का प्रयास करते हैं। इससे न केवल पत्रकारिता की साख प्रभावित होती है बल्कि निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारों के समक्ष भी कई प्रकार की चुनौतियां खड़ी हो जाती हैं।ज्ञापन में मांग की गई कि जिले में सक्रिय पत्रकारों एवं मीडिया संस्थानों का व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जाए, जिससे वास्तविक और फर्जी पत्रकारों के बीच स्पष्ट अंतर स्थापित किया जा सके।

संगठन ने यह भी मांग रखी कि फर्जी प्रेस कार्ड, अवैध पहचान पत्र या पत्रकारिता के नाम पर किसी भी प्रकार की गलत गतिविधि में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।बैठक के दौरान उपस्थित लोगों ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों की गतिविधियों के कारण आम नागरिकों और शासकीय अधिकारियों के बीच वास्तविक पत्रकारों के प्रति भी संदेह की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इसका सीधा असर उन पत्रकारों पर पड़ रहा है जो पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ जनहित में कार्य कर रहे हैं। कई बार समाचार संकलन और जनसमस्याओं से जुड़े विषयों पर जानकारी प्राप्त करने के दौरान उन्हें अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।कार्यक्रम में यह भी मांग उठी कि सभी शासकीय विभागों एवं कार्यालयों को निर्देश जारी किए जाएं कि वे केवल अधिकृत एवं सत्यापित पत्रकारों को ही आधिकारिक रूप से पत्रकार के रूप में मान्यता दें। साथ ही आमजन को भी जागरूक किया जाए ताकि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति द्वारा पत्रकार होने का दावा किए जाने पर संबंधित जानकारी प्रशासन तक पहुंचा सकें।

कलमवीर संघर्ष संगठन के प्रतिनिधियों ने पुलिस प्रशासन से आग्रह किया कि समय-समय पर विशेष जांच एवं सत्यापन अभियान चलाकर पत्रकारिता के क्षेत्र में पारदर्शिता और विश्वसनीयता को मजबूत किया जाए। संगठन का कहना है कि पत्रकारिता की गरिमा को बनाए रखने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए फर्जी पत्रकारिता पर प्रभावी अंकुश लगाना समय की आवश्यकता है। कार्यक्रम के अंत में संगठन की ओर से पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया तथा आशा व्यक्त की गई कि प्राप्त शिकायतों और तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम ने जिले में पत्रकारिता की विश्वसनीयता, जवाबदेही और पेशेवर मानकों को लेकर एक नई चर्चा को जन्म दिया है।

सृजन शुक्ला ने कही यह बात- कलमवीर संघर्ष संगठन के प्रतिनिधि सृजन शुक्ला ने कहा कि पत्रकारिता समाज की आवाज है और इसे किसी भी कीमत पर बदनाम नहीं होने दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की कथित गतिविधियों के कारण पूरे पत्रकार समाज की छवि प्रभावित होती है, इसलिए वास्तविक पत्रकारों के हितों और पत्रकारिता की गरिमा की रक्षा के लिए प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है। इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मयंक तिवारी के निर्देश पर जिला अध्यक्ष सृजन शुक्ला के प्रयासों से जिले के वरिष्ठ पत्रकार सच्चिदानंद शेकटकर, प्रदेश अध्यक्ष शुभम् शुक्ला, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष संजय साहू, राष्ट्रीय प्रवक्ता सत्यजीत यादव, प्रदेश सचिव सुधीर खरे, वरिष्ठ पत्रकार परितोष वर्मा, हर्षित चौरसिया, अज़हर खान, धीरज शाह, सुमन पुरोहित, पीयूष श्रीवास्तव, नील तिवारी, धर्म गौतम, अनिल तिवारी, दिलीप तिवारी, आदित्य विश्वकर्मा, गोपाल गुमास्ता, सुनील सेन, डॉ सुरेंद्र कुशवाहा, अमित झा, ओम प्रकाश पॉल, बबलू रजक,राहुल सक्सेना, राजेंद्र दुबे, संजय उपाध्याय, कार्तिक गुप्ता, अनूप लाल रॉबिन, जितेंद्र वैष्णव,  तीरथ कुशवाहा आदि ने उपस्थित हो कर पत्रकारों के हित में अपनी बात रखी।

 

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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