
जबलपुर (जय लोक)। मध्य प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय सिंह राहुल का गुरुवार को जबलपुर दौरे को शहर के कांग्रेस के नेता खुद ही सोशल मीडिया पर विवादास्पद बना रहे हैं। ये कांग्रेसी आरोप लगा रहे हैं कि पूर्व नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस के ऐसे नेताओं के घर गए जिनका कोई प्रभाव नहीं हैं। शहर के कांग्रेसियों ने खुद ही एक बार फिर शहर कांग्रेस की आंतरिक कलह को सामने ला दिया। कुछ कांग्रेसियों का मानना है कि इनमें कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं जिन्हें वरिष्ठ नेता के नगर आगमन पर भाव नहीं मिला और इसी से कुंठाग्रस्त होकर इस प्रकार की हरकतें की जा रही है।

कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने और संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से आए अजय सिंह राहुल के कार्यक्रमों को लेकर कांग्रेसी खुद ही यह आरोप लगा रहे हैं कि उनके इस दौरे में गुटबाजी खुलकर दिखाई दी।

आरोप लगाने वाले कांग्रेसी यह भी सार्वजनिक रूप से कह रहे हैं कि अजय सिंह राहुल के कार्यक्रमों में एक गुट विशेष का प्रभाव अधिक नजर आया, जबकि कई वरिष्ठ नेता और उनके समर्थक पूरी तरह दूरी बनाए रहे। कांग्रेसियों ने खुद ही यह साबित कर दिया कि कांग्रेस अभी भी अलग अलग गुटों में बंटी है। ऐसे में अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या कांग्रेस आगामी नगर निगम चुनाव से पहले खुद को एकजुट कर पाएंगे। अजय सिंह राहुल ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा था कि वे नई कांग्रेस को समझने और समर्पित कार्यकर्ताओं से संवाद करने के लिए संस्कारधानी पहुंचे हैं।


संगठन से जुड़े कांग्रेसी खुद खड़ा कर रहे विवाद
कांग्रेस के जानकारों का मानना है कि जबलपुर कांग्रेस लंबे समय से गुटीय राजनीति का शिकार रही है। शहर और जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद संगठन का पूरा ढांचा बन चुका है तथा संगठन के पदाधिकारियों की लंबी चौड़ी फौज भी बन चुकी है। यह आश्चर्यजनक है कि पूर्व नेता प्रतिपक्ष के दौरे को कांग्रेस के उन नेताओं ने भी विवादास्पद बना दिया जो कि संगठन से जुड़े हुए हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष के आने से यह उम्मीद थी कि संगठन मजबूत होगा और कार्यकर्ताओं में समन्वय बढ़ेगा, इसके लिए नगर कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ शर्मा ने अपने कार्यालय में कांग्रेसजनों के बीच अजय सिंह राहुल को आमंत्रित किया और उनका कांग्रेसजनों से संवाद भी कराया। सभी उपस्थित एक-एक कार्यकर्ता से व्यक्तिगत रूप से परिचय भी नगर अध्यक्ष सौरभ शर्मा ने कराया।
लेकिन इसके बाद भी कांग्रेसी खुद ही यह आरोप लगा रहे हैं कि पूर्व नेता प्रतिपक्ष का दौरा गुटबाजी का शिकार रहा और वे एकगुट विशेष के प्रभाव में रहे। अब यह स्पष्ट हो गया है कि जमीनी स्तर पर कांग्रेसियों की स्थिति में ज्यादा बदलाव दिखाई नहीं दिया। कांग्रेसजन खुद ही सोशल मीडिया पर अपना असंतोष जाहिर कर रहे हैं और ऐसे लोग अपने आप को संगठन से असंतुष्ट साबित कर रहे हैं।
Author: Jai Lok






