
जबलपुर (जय लोक)। बरगी क्षेत्र में पिछले चार माह से तेंदुए की मौजूदगी ने ग्रामीणों में दहशत फैला दी है। चौथई गांव के रहवासी शाम होते ही घरों में कैद हो रहे हैं। ग्रामीणों को अपने परिवार के साथ मवेशियों की जान का खतरा सता रहा है। बरगी वन परिक्षेत्र की धनगवां बीट के अंतर्गत आने वाले इस जंगल से सटे आदिवासी बहुल क्षेत्र में तेंदुआ यहां रहने वाले एक ग्रामीण के दो बछड़े और कई अन्य पालतू मवेशियों को अपना शिकार बना चुका है। कुछ दिनों पूर्व तेंदुए ने खेत पर बने घर पर पहुंचकर पालतू कुत्ते पर भी हमला किया। जिसे परिवार के सदस्यों द्वारा शोर मचाने पर वह छोडक़र जंगल में भाग गया। ग्रामीण इस बात से बेहद परेशान हैं कि वे ऐसी स्थिति में कैसे खेती करें और अपने परिवारों का पेट कैसे पालें, जबकि वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को लगातार सूचना देने के बावजूद अब तक कोई ठोस रेस्क्यू अभियान या प्रभावी निगरानी की कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे किसी बड़ी जनहानि की आशंका लगातार बनी हुई है।

30 से अधिक तेंदुओं की मौजूदगी
\यह हाल केवल बरगी का नहीं हैं, सिहोरा, पाटन, खमरिया, डुमना और मझौली में 30 से अधिक तेंदुए अपने परिवार के साथ विचरण कर रहे हैं। इन तेंदुओं को कई बार घूमते हुए देखा जा चुका है। खासतौर पर बरगी के आसपास खेतों में तेंदुओं की चहलकदमी इन दिनों ज्यादा ही देखी जा रही है।

तीन वर्षों में दोगुनी हुई संख्या
राज्य वन अनुसंधान संस्थान की लेपर्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023 में जबलपुर के शहरी क्षेत्र में 17 तेंदुओं की मौजूदगी दर्ज की गई थी, और पिछले 3 वर्षों में इनकी संख्या लगभग दोगुनी हो चुकी है। वर्तमान समय में जीसीएफ, खमरिया, तिघरा, ट्रिपल आईटी, डुमना, नयागांव के अलावा सिहोरा, मझौली, कटंगी और पाटन जैसे ग्रामीण इलाकों में भी तेंदुओं की मौजूदगी लगातार दर्ज की जा रही है, हालांकि अभी तक किसी भी इंसान पर सीधा हमला नहीं हुआ है। लेकिन ग्रामीण तेंदुए के डर से शाम होते ही घरों में कैद हो रहे हैं।


Author: Jai Lok





