
खाने में मरी हुई छिपकली मिलने का दावा
मधेपुरा। बिहार के मधेपुरा जिले में सरकारी स्कूल के मिड-डे मील को लेकर लापरवाही का मामला सामने आया है। गम्हरिया प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय दाहा में खिचड़ी खाने के बाद करीब 60 बच्चों की तबीयत बिगडऩे की बात सामने आई। बच्चों ने पेट दर्द, चक्कर और उल्टी-दस्त की शिकायत की, जिसके बाद अभिभावक उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गम्हरिया लेकर पहुंचे। फिलहाल सभी बच्चों की हालत सामान्य बताई जा रही है। घटना के बाद बड़ी संख्या में अभिभावक अस्पताल पहुंचे, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बच्चों का कहना है कि खिचड़ी खाने के कुछ समय बाद उनकी तबीयत बिगडऩे लगी। कुछ छात्रों ने भोजन की थाली में मरी हुई छिपकली मिलने का दावा भी किया है।
छात्रों के मुताबिक, उन्होंने भोजन में छिपकली मिलने की जानकारी स्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापिका और रसोइया को दी थी। आरोप है कि इसके बाद खिचड़ी फेंक दी गई और स्कूल में छुट्टी कर दी गई।
भोजन में वास्तव में छिपकली मिली थी या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। स्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापिका किरण कुमारी ने बताया कि बच्चों को खिचड़ी परोसी गई थी। बाद में कुछ बच्चों ने घर जाने के बाद पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत की। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले का संज्ञान लिया है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मिड-डे मील) रवि शास्त्री ने बताया कि सभी बच्चों की स्थिति सामान्य है। उन्होंने कहा कि विद्यालय की जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद स्कूल में मिलने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि बच्चों के बीमार होने की वास्तविक वजह क्या थी और भोजन में किसी बाहरी वस्तु की मौजूदगी थी या नहीं।
Author: Jai Lok





