
भोपाल (जयलोक)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में किसानों, अधोसंरचना विकास, प्रशासनिक सुधार और कृषि क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने कृषि, परिवहन, उर्वरक वितरण और ग्रामीण विकास को लेकर कई अहम फैसले लिए हैं। कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई प्रस्ताव भी पारित किया।
प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्ष पूरे होने पर बधाई प्रस्ताव
कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई प्रस्ताव पारित किया गया। मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप ने कहा कि बीते 12 वर्ष भारत के विकास, सुशासन और जनकल्याण की दृष्टि से ऐतिहासिक रहे हैं। उन्होंने बताया कि 5 जून से 21 जून तक प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से सरकार जनता तक पहुंचकर केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी दे रही है।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का फैसला
राज्य सरकार ने प्रत्येक जिले में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को रसायन-मुक्त खेती के लाभों की जानकारी दी जाएगी और उन्हें प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा।
15 जून तक पूरी होगी तबादला प्रक्रिया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य सरकार की नई तबादला नीति के तहत विभागीय स्थानांतरण की प्रक्रिया 15 जून तक हर हाल में पूरी कर ली जाए। सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से व्यवस्थित करना है।
भोपाल मेट्रो परियोजना को मिली अतिरिक्त वित्तीय सहायता
कैबिनेट ने भोपाल मेट्रो रेल परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। सरकार का मानना है कि अतिरिक्त राशि मिलने से परियोजना के कार्यों में तेजी आएगी और राजधानी भोपाल में आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
कपास उत्पादक किसानों को राहत
किसानों को राहत देने के उद्देश्य से सरकार ने कपास पर लगने वाले मंडी शुल्क में कमी करने का फैसला लिया है। अब कपास पर प्रति गठान लगने वाला मंडी शुल्क एक रुपये से घटाकर 50 पैसे कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि इस निर्णय से कपास उत्पादक किसानों और कृषि व्यापारियों को आर्थिक लाभ मिलेगा तथा कृषि विपणन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
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Author: Jai Lok






