
जबलपुर (जय लोक)। 23 अप्रैल को राँझी में हुए सनसनीखेज हत्याकाण्ड के फरार मुख्य आरोपी साजिशकर्ता बाबा ईसाई को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। बाबा के बेटे प्रिंस की तरह इसकी गिरफ्तारी की पटकथा पूर्व से लिखे जाने की चर्चाएं पूरे पुलिस महकमें में चल रही है। आज भी जानकारी सामने आने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी या समर्पण करवाये जाने की हलचल मची हुई थी।

थाना प्रभारी रांझी उमेश गोहलानी ने गिरफ्तारी की अधिकृत पुष्टि करते हुए कहा कि बाबा ईसाई को शाम 4 -5 के करीब फरारी के दौरान कटंगा क्षेत्र से पकड़ा गया है। उससे पूछताछ की जा रही है।

रायपुर में 15 एकड़ प्रॉपर्टी से संबंधित विवाद के कारण ही 32 साल के क्लेरेंस उर्फ राजा की चलती मोटरसाईकिल में सर पर गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। जयलोक ने घटना के बाद ही पूरे हत्याकाण्ड के पीछे की कहानी ,साजिश को उजागर किया था। अब पुलिस जाँच में भी वहीं कहानी निकल कर सामने आई है। हत्या में शामिल दो आरोपियों ने पूछ-ताछ में वही सारे बिंदुवार जानकारी पुलिस को दी है।


बेटा प्रिंस और उसका नाबालिग साथी पहले से है जेल में –
घटना का मुख्य आरोपी प्रिंस नेल्सन उसका पिता बाबा नेल्सन,अपने नाबालिक साथी के साथ फरार हो गया था। इस घटनाक्रम में नया मोड़ तब आया जब फरार हो चुके हैं ईनामी अपराधियों को पकड़ पाने में रांझी पुलिस क्राइम ब्रांच किसी को सफलता नहीं मिल रही थी इसी बीच यह खबर आई कि इस मामले में शूटर की भूमिका निभाने वाले बाबा नेल्सन के लडक़े प्रिंस नेल्सन और उसके नाबालिग 16 साल के साथी ने एक बड़े हाईप्रोफाइल राजनीतिक हस्तक्षेप के घटनाक्रम के बाद एक सीएसपी कार्यालय में आत्म समर्पण कर दिया। यह आत्मसमर्पण पूर्व नियोजित योजना का हिस्सा था लेकिन लगभग डेढ़ महीने से फरार चल रहे आरोपियों को पकडऩ़े में असफल रही रांझी पुलिस ने इसे अपनी सफलता करार देते हुए श्रेय लेने की पूरी कोशिश की और इन आरोपियों की गिरफ्तारी का ढिंढोरा पीट दिया है।
उक्त प्रकरण में हत्या के बाद आरोपी तेजबल उर्फ अरुण रैकवार उम्र 20 वर्ष निवासी सुआतला नरसिंहपुर हाल अनमोल वाटिका थाना माढोताल तथा मोहित ठाकुर उम्र 20 वर्ष निवासी वर्धा हाउस पुल न. 02 थाना कैंट को पूर्व में ही गिरफ्तार कर लिया था।
10000 से बढकऱ 20000 कर दिया था इनाम
आरोपी प्रिंस नेल्सन एवं विकास उर्फ बाबा उर्फ रिंकू नेलसन तथा एक अन्य घटना के बाद से फरार थे जिनकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक द्वारा दस-दस हजार रूपये का ईनाम उद्घाषित किया गया था। पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन पर बाद में उप महानिरीक्षक अतुल सिंह द्वारा गिरफ्तारी पर इनाम की राशि बढ़ाकर बीस-बीस हजार रूपये कर दी गई थी।
प्रिंस और उसके साथी की गिरफ्तारी 18 जून को गोरखपुर क्षेत्र स्थित ईसाई कॉलोनी के पास से अभिरक्षा में लिया जाना बताया गया था , जिनसे पूछताछ करते हुये कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक देशी पिस्टल, दो कारतूस तथा घटना में प्रयुक्त मोटर साइकिल जप्त की गयी। गिरफ्तार आरोपी प्रिंस नेल्सन उर्फ आशीष को न्यायालय में प्रस्तुत किया जहां से उसको जेल भेज दिया था। जबकि नाबालिग बालक को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया था। मुख्य साजिशकर्ता बाबा उफऱ् विकास नेलसन फरार था जिसको आज पुलिस अभिरक्षा में ले लिया गया।
इस पूरे घटनाक्रम में राजनीतिक हस्तक्षेप के माध्यम से आरोपियों को संरक्षण के छाते के अंतर्गत पेश करने की पूरी कहानी एक जिम से प्रारंभ होने की जानकारी भी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के कानों तक पहुंची है। पिता पुत्र को कब पेश किए जाना है,यह भी पहले से तय किया जाना बताया जा रहा है। फिर प्रभावशील व्यक्तियों को शामिल कर कहने का सरेंडर और दिखाने की गिरफ्तारी का खेल खेला गया जो एक बार फिर चर्चा में आ गया है ।
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Author: Jai Lok






