
जबलपुर (जय लोक)। 21 जून का दिन जबलपुर के जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और नगर निगम के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। देश की राष्ट्रपति दो दिवसीय जबलपुर प्रवास पर थीं। सबसे बड़ी प्रोटोकॉल व्यवस्था अपने आप में एक बड़ी चुनौती होती है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लगभग 2700 पुलिस कमिज़्यों का बल जिसमें 6-7 आईपीएस ऑफिसर भी शामिल थे, एक कंपनी बाहर से बुलवाकर राष्ट्रपति की सुरक्षा में तैनात की गई थी। इसके साथ ही नीट की परीक्षा दोबारा होने का दिन भी 21 जून रविवार को निर्धारित हुआ था। नीट के परीक्षा परिणाम आने से पहले पेपर लीक कांड के कारण पूरे देश में यह सबसे अधिक संवेदनशील मुद्दा बना हुआ था। उसकी परीक्षा भी कल जबलपुर के विभिन्न केंद्रों में होनी थी। नीट की परीक्षा के कुछ परीक्षा केंद्र शहर की बाहरी सीमाओं पर स्थित रहे जहां तक विद्यार्थियों को पहुंचने में परेशानी ना हो और वीआईपी प्रोटोकॉल के साथ उनकी सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाए इस बात की बड़ी चुनौती जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन के समक्ष थी।
दूसरी ओर नगर निगम प्रशासन के समक्ष इस बड़े आयोजनों के लगातार चलने वाले कामों के दौरान हर प्रकार की व्यवस्थाओं को सुनिश्चित रखना एक बड़ी चुनौती थी जिसे पूर्ण करने के भरसक प्रयास निगम प्रशासन के द्वारा किए गए। नीट की परीक्षा के लिए जबलपुर में 10441 में से 8693 बच्चों ने भाग लिया इनके लिए 23 केंद्र बनाए गए थे।

सार्थक साबित हुआ जारी किया गया हेल्पलाइन नंबर
जिला व पुलिस प्रशासन ने व्हीव्हीआईपी प्रोटोकॉल के बीच इस बात का निर्णय लिया था कि नीट की परीक्षा देने जबलपुर और आसपास के आने वाले विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो इसलिए एक दिन पूर्व ही एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया। अखबारों और मीडिया के माध्यम से भी इसका खूब प्रचार प्रसार करवाया गया ताकि विद्यार्थी उनके अभिभावकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने जय लोक को बताया कि प्रशासन का यह निर्णय सार्थक साबित हुआ बड़ी संख्या में हेल्पलाइन नंबर पर लोगों ने संपर्क किया। हेल्पलाइन नंबर पर आने वाले अधिकांश कॉल इस बात को लेकर थे कि परीक्षा केंद्रों की लोकेशन किस तरफ है, किस तरफ से मार्ग बंद किए गए हैं, कुछ विद्यार्थियों ने इस बात के भी सवाल पूछे कि उनका परीक्षा केंद्र जिस दिशा में है वहां के लिए कौन सा रास्ता उपयोग करना आसान होगा। बड़ी बात यह थी कि हेल्पलाइन नंबर पर एक भी फोन ऐसा नहीं आया जिस पर यह शिकायत की गई हो कि उन्हें बैरिकेटिंग पर रोका गया है या उन्हें अपने परीक्षा केंद्र में पहुंचने से दिक्कत हो रही है।

आरडीविवि में जबलपुर और रांझी तहसील के अधिकारी रहे तैनात
प्रशासनिक व्यवस्था के अंतर्गत जबलपुर और रांझी तहसील के एसडीएम , तहसीलदार सभी व्यवस्थाओं को निर्विघ्न रूप से पूर्ण कराने के लिए पिछले 48 घंटे से दिन-रात लग रहे। एसडीएम जबलपुर अभिषेक सिंह ,एसडीएम गोरखपुर अनुराग सिंह, एसडीएम मोनिका वाघमारे तहसीलदार, जानकी उईके तहसीलदार, भीम सिंह पटेल आदि अधिकारी कलेक्टर के निर्देश पर दी गई जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए मुस्तेदी से नजर आए।


टीमवर्क का परिणाम : कलेक्टर
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने जय लोक से चर्चा करते हुए कहा कि यह पूरी तरीके से टीमवर्क का सकारात्मक परिणाम है कि अत्यधिक व्यवस्थाओं के बीच में सभी कार्य निर्विघ्न रूप से संपन्न हुए। माननीय राष्ट्रपति का दौरा अपने अलग प्रोटोकॉल के साथ संपन्न होता है जिसे पूरी तरीके से पूर्ण किया गया। साथ ही कुछ अधिकारियों की ड्यूटी इस बात पर भी लगाई गई की नीट की परीक्षा के दौरान बच्चों को या परीक्षा केंद्रों में किसी प्रकार की परेशानी और अव्यवस्था ना हो।
हमारे अधिकारियों और जवानों ने की डबल ड्यूटी, एसपी ने की प्रशंसा
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने संपूर्ण कार्यक्रम से संबंधित की गई तैयारी और सकारात्मक परिणाम पर चर्चा करते हुए जय लोक को बताया कि पुलिस विभाग के बहुत से अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस चुनौती के दौर में बिना थके बिना रुके डबल ड्यूटी करने से भी कदम पीछे नहीं हटाया। यह बात जरूर है कि ऐसी चुनौतियों के बीच में अधिकारियों से लेकर जवानों तक जवाबदारी का दबाव अधिक हो जाता है लेकिन यही पुलिस के लिए परीक्षा की घड़ी होती है। पुलिस अधीक्षक श्री उपाध्याय ने कहा कि हमारे थाना प्रभारियों ने वीआईपी प्रोटोकॉल के साथ-साथ थाने की रोजाना की कार्रवाइयों का भी कामकाज देखा। कानून व्यवस्था के साथ-साथ आपराधिक घटनाक्रमों पर भी नजर रखी और उनसे संबंधित कारवाइयां भी निरंतर जारी रहीं।
रात 3 से तैनात हो गई थी पुलिस
देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति के जबलपुर प्रवास के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मध्य नजर रखने पुलिस व्यवस्था चौकन्नी थी। इसी का परिणाम यह था कि सुबह 7 होने वाले योग के कार्यक्रम में राष्ट्रपति के शामिल होने को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था में लगे सैकड़ो जवान और अधिकारी सुबह 3 से ही सक्रिय हो गए थे और उन्होंने अपने-अपने निर्धारित बिंदु पर ड्यूटी संभाल ली थी। इसके बाद जो थाना प्रभारी इस ड्यूटी में शामिल थे उन्हें रूटीन के थाने के कार्य भी देखने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
सामान्यत: राष्ट्रपति का दौरा रोजाना नहीं होता और यह अपने आप में बड़ा प्रोटोकॉल होता है। जिसकी अपनी चुनौतियां होती हैं दूसरा इतने बड़े वीआईपी के नगर आगमन के साथ संवेदनशील री नीट की परीक्षा का होना एक संयोग था और यह संयोग बड़ी चुनौती के रूप में था जिसे प्रशासन के सभी विभागों ने तत्परता के साथ सकारात्मक परिणाम के साथ पूरा किया।
कड़ी सुरक्षा के बीच केन्द्रों तक पहुँचे प्रश्न पत्र, नीट परीक्षा में मुस्तैद दिखे सीआईएसएफ जवान
Author: Jai Lok






