Download Our App

Home » जबलपुर » शक्कर के दाम से फीकी हुई रक्षा बंधन की मिठास

शक्कर के दाम से फीकी हुई रक्षा बंधन की मिठास

महँगाई की मार, चीनी-प्याज के बढ़ते दामों ने बिगाड़ा बजट

रक्षा बंधन को लेकर बाजारों में दिख रही चहल पहल

जबलपुर (जय लोक)
जैसे-जैसे त्योहार नजदीक आते जा रहे हैं, वैसे-वैसे रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं के दाम बढ़ते जा रहे हैं। रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक है और बाजार में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में हो रही वृद्धि ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। इसके बावजूद भी रक्षाबंधन के पर्व को लेकर बाजार में चहल पहल बनी हुई है और राखी की बिक्री के लिए शहर में जगह जगह दुकानें भी लग चुकी हैं। त्योहार के समय खाद्य वस्तुओं की कीमतों में अचानक वृद्धि का सीधा असर मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों की जेब पर पड़ रहा है। चीनी और प्याज के दामों में हाल के दिनों में तेजी चिंता का विषय बनी हुई है। चीनी के दाम करीब 40 रुपये से बढक़र 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं, वहीं प्याज की कीमत भी 20 से बढक़र करीब 50 रुपये किलो हो गई है।
अभी और बढ़ेंगे दाम
आने वाले दिनों में सब्जियों और खाद्य तेल की कीमतों में भी वृद्धि की आशंका जताई जा रही है। यदि ऐसा होता है तो महंगाई आम आदमी के घरेलू बजट को और प्रभावित करेगी। आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि के पीछे उत्पादन, मांग और बाजार में उपलब्धता सहित कई कारण हो सकते हैं। सरकार को इन सभी पहलुओं की गंभीरता से समीक्षा कर वास्तविक कारणों का पता लगाना चाहिए। यदि उत्पादन में कमी है तो किसानों और चीनी उद्योग को प्रोत्साहन देकर उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए।
मिठाई के दामों में इजाफा
रक्षा बंधन के इस पवित्र त्यौहार में मिठास घोलने वाली मिठाईयों के दामों ने कड़वाहट ला दी है। शहर के दाम बढऩे से मिठाईयों के दामों में भी प्रति किलो के हिसाब से दो से तीन सौ रूपये की वृद्धि देखी जा रही है। एक तो पहले से ही महंगाई की मार उपर से मिठाई के दाम बढऩे से रक्षाबंधन में मिठाई के दाम सुनते ही कड़वाहट महसूस की जा रही है।
राखियों के अलावा    कपड़ा बाजार में भी भीड़
राखियों के अलावा कपड़ा बाजारों में भी भीड़भाड़ देखने को मिल रही है। सबसे ज्यादा भीड़ कपड़ा दुकानों मेें ही देखी जा रही है। रविवार को छुट्टी के दिन तो बाजारों में रोज की तुलना में काफी भीड़ देखी गई। ज्यों ज्यों राखी का त्यौहार नजदीक आता जा रहा है त्यों त्यों बाजारों में भीड़ भी बढ़ती जा रही है।
बाजारों में आकर्षक राखियों ने खींचा ध्यान, राखियों का नया टें्रड
रक्षाबंधन त्यौहार पर बाजार सज चुके हैं, खरीदी के लिए बहनों की भीड़ सडक़ों में उमड़ आई है। जहां उत्साह का माहौल बन गया है। भाई-बहन के प्रेम और स्नेह के इस प्रतीक का त्यौहार को लेकर आकर्षक राखियों की बिक्री शुरू हो गई है। राखी खरीद रहीं बहनों का कहना है कि अच्छी-अच्छी डिजाइनों की राखियां बाजार में मौजूद हैं। रेशम के धागे, मोती जड़ी वाली राखियों की डिजाइन काफी अच्छी हैं। छोटे रुद्राक्ष वाली राखियां काफी पसंद आ रही हैं। बाजार में राखियों का नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। बाजार में फैमिली पैक राखी, स्टोन जडि़त राखी, मोती वाली राखी सहित भैया-भाभी के लिए राखी की वैरायटी बाजार में ट्रेंड कर रही हैं। बच्चों के लिए भी बाजार में कार्टून वाली राखियों की भरमार है। जिसमें डोरेमोन, छोटा भीम, मोटू पतलू सहित अन्य राखियां मैंने अपने छोटे-छोटे भाइयों के लिए खरीद रही हैं। इसके अलावा बच्चों के लिए लाइट वाली राखियों का चलन भी इस बार देखने को मिल रहा है।
जबकि राखी के अलावा बाजार में सफेद रुमाल की डिमांड ज्यादा हैं, बहनें बड़े भाईयों के लिए कॉटन के सफेद रुमाल की खरीदी कर रही हैं, जबकि छोटे भाइयों के लिए कलर फुल रुमाल खरीदे जा रहे हैं। बहनों का कहना है डिजाइन से ज्यादा धागे की मजबूती को भी देखा जा रहा है। जहां मजबूती और डिज़ाइन देखकर बहनें राखी खरीद रहीं हैं, लाल और पीले रंग के धागे की राखियां शुभ मानी जाते हैं। ऐसी राखियां पहली पसंद बहनों के लिए होती हैं। लिहाजा शहर के हर इलाकों में राखियां की दुकान सज चुकी हैं। लेकिन बड़ी संख्या में महिलाओं की पहली पसंद का बाजार बड़ा फुहारा होता है, जहां बड़ी संख्या में महिलाएं इस मार्केट में पहुंचती हैं। इसके अलावा गोरखपुर, अधारताल, रामपुर, गढ़ा सहित रांझी के मार्केट राखियों से सज चुके हैं।

पाँच जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट 20 जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी

 

 

Jai Lok
Author: Jai Lok

RELATED LATEST NEWS

Home » जबलपुर » शक्कर के दाम से फीकी हुई रक्षा बंधन की मिठास

Top Headlines

जबलपुर बनेगा राष्ट्रीय स्तर पर परिवहन, व्यापार और लॉजिस्टिक्स का केन्द्र

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के प्रयासों से ग्रीनफील्ड सडक़ कोरिडोर्स की 1.05 लाख करोड़ की परियोजना स्वीकृत जबलपुर/भोपाल (जयलोक)।

Live Cricket

error: Content is protected !!