
मामले को दबाने की जीतोड़ कोशिश कर रहा कॉलेज प्रबंधन
जबलपुर (जयलोक)। अक्सर विवादों से घिरे रहने वाले शहर के श्री राम इंजीनियरिंग कॉलेज में हुए बड़े फीस के घोटाले को लेकर अब मामला भोपाल तक पहुँच गया है। छात्र संगठनों ने श्रीराम कॉलेज के संचालकों के व्यवहार और उनके कुकृत्यों पर गंभीर सवाल उठाते हुए दी गंभीर आरोप लगाए हैं उन पर निष्पक्षता से जाँच की माँग की जा रही है।एक के बाद एक छात्र संगठन रेवा शिक्षा समिति के द्वारा संचालित श्रीराम इंजीनियरिंग कॉलेज के संचालकों के द्वारा किए किए गए घोटाले और छात्रों के शोषण के आरोपों पर मुखर होकर मोर्चा खोले हुए हैं। श्रीराम कॉलेज प्रबंधन के द्वारा आए दिन छात्रों के हक पर प्रहार कर उन्हें आर्थिक और मानसिक नुकसान पहुँचाए जाने की शिकायतें कई बार मध्य प्रदेश स्टूडेंट यूनियन की ओर से भी की जा चुकी हैं। दशहरे का पर्व हाल ही में संपन्न हुआ है और इसके पहले से श्रीराम इंजीनियरिंग कॉलेज के संचालकों के ऊपर गंभीर आरोपों के साथ शिकायत कलेक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक के समक्ष पहुंची थी।जिला कलेक्टर ने श्री राम इंजीनियरिंग कॉलेज और रेवा शिक्षा समिति के द्वारा किए जा रहे छात्रों की फीस घोटाले के संबंध में जाँच करने के लिए एसडीएम अधारताल के नेतृत्व में कमेटी का गठन किया है। कई बिंदुओं पर यह टीम जाँच कर रही है। हालांकि लगातार कॉलेज प्रबंधन के द्वारा गलत जानकारी देकर जाँच टीम को बरगलाकर मामले को रफा दफा करने का प्रयास किया जा रहा है। कॉलेज प्रबंधन ने जिस अकाउंटेंट को मोहरा बनाकर एफआईआर की और सभी छात्र-छात्राओं को बता दिया कि एकाउंटेंट ने ही पैसे का गबन किया था। लेकिन यह नहीं बताया कि उस अकाउंटेंट के खाते से इतनी बड़ी रकम किसके खातों में गई।
कलेक्टर की जाँच टीम करेगी अन्य बिंदुओं पर भी जाँच- इसी बीच में कॉलेज प्रबंधन के द्वारा जांच को दबाने का प्रयास उजागर होने पर एमपीएसयू के अध्यक्ष अभिषेक पांडे ने संबंधित अधिकारियों को छात्र हित में ज्ञापन सौंप कर माँग की है कि जाँच में जो बिंदु छूट गए हैं उन्हें भी शामिल किया जाए क्योंकि छात्रों से जो पैसा गबन किया गया है वह कॉलेज के संचालकों ने भी खाया है। अब इस मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। गबन और 420 करने वाले कॉलेज संचालक आर के करसौलिया व अन्य पर भी एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए।






