
जबलपुर (जयलोक)। आय से अधिक संपत्ति के मामले में आज नगर निगम के सहायक स्वास्थ अधिकारी के घर पर आर्थिक अपराध अन्वेषण प्रकोष्ठ की टीम ने दबिश दी और संपत्तियों की जाँच की जा रही है। इसके अलावा ईओडब्ल्यू की टीम ने निगम के एक ठेकेदार के घर पर भी छापा मारा है। जांच टीम ने अधिकारी के आवास सहित अन्य संभावित ठिकानों पर दस्तावेजों और संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले हैं। जाँच पूरी होने के बाद इस मामले में बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है।
ईओडब्ल्यू की यह कार्रवाही सहायक स्वास्थ अधिकारी पोला राव के आवास व अन्य स्थानों में जांच की गई। ईओडब्ल्यू को पोला राव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत मिली थी। वहीं इसी मामले में नगर निगम के एक ठेकेदार की भूमिका की संदिग्ध नजर आई। जिसको देखते हुए ईओडब्ल्यू की टीम ने उसके भी ठिकानों पर छापे मारे। फिलहाल तो दोनों ही जगहों पर बरामद की गई संपत्ति और आय व्यय, भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की जाँच की जा रही है।

अधिकारी के घर मिले बैंक और भवन से जुड़े दस्तावेज
ईओडब्ल्यू अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में अधिकारी के नाम पर एक फ्लैट, 10 हजार वर्गफुट का भूखंड, आंध्र प्रदेश में खरीदी गई कृषि भूमि, चार दोपहिया वाहन और एक चारपहिया वाहन होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा बैंक खातों, बीमा पॉलिसियों और नकद लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जांच एजेंसी के हाथ लगे हैं। हालांकि अभी बरामद किए गए संपत्ति और बैंक से जुड़े दस्तावेजों की जाँच की जा रही है ताकि बरामद की गईं संपत्ति का आंकलन किया जा सके। वहीं टीम आय के स्त्रोतों और अर्जित संपत्तियों के बीच असमानता की भी जाँच कर रही है।

नगर निगम में हलचल
सुबह सुबह हुई ईओडब्ल्यू की कार्रवाही से नगर निगम के अन्य अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों के बीच हलचल मची हुई है। कार्रवाही को लेकर तरह तरह की चर्चाएं हो रही हैं। जाँच के बाद इस मामले में अन्य लोगों के जुड़े होने की भी जानकारी सामने आ सकती है।
वहीं जाँच के बाद आय और बरामद की गई संपत्ति के मिलान में अंतर मिलेगा तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।


Author: Jai Lok






