
जबलपुर (जय लोक)। जब से एलपीजी गैस सिलेंडर की मारामारी शुरू हुई है तब से बाहर का खाना महँगा हो गया है। एलपीजी सिलेंडर की किल्लत के बीच होटल, रेस्टेरेंट संचालकों ने खाने की सामग्री के दामों में अतिरिक्त इजाफा करने की रणनीति बनाकर आपदा में अवसर तलाशना शुरू कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से शहर में इसी तरह के नजारे देखने को मिल रहे हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे देश में राज्य सरकारों के मुख्यमंत्री को यह स्पष्ट कर चुके हैं कि ऐसी आपदा में अवसर तलाश कर दाम बढ़ाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

केन्द्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण की चेतावनी
बहुत से होटल रेस्टारेंट संचालक गैस की किल्लत का रोना रोकर खाने के दाम पर अतिरिक्त राशि वसूल रहे हैं। यह गैर कानूनी है। लेकिन केन्द्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने आपदा में लाभ का अवसर तलाशने वाले ऐसे होटल, रेस्टारेंट वालों को चेतावनी दी है कि अगर ग्राहकों से एलपीजी, गैस, ईधन, या अन्य परिचालन खर्चों के नाम पर अतिरिक्त पैसा लिया गया तो उनके खिलाफ कार्रवाही की जाएगी। प्राधिकरण ने यह कदम उपभोक्ताओं से मिली लगातार शिकायतों और कुछ रिपोर्टस के सामने आने के बाद लिया गया है।

खाने के बिल के नाम पर अतिरिक्त राशि वसूलना होटल और रेस्टारेंट संचालकों को महँगा पड़ सकता है। केन्द्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण के निर्णय के बाद अब उपभोक्ता ऐसे होटल और रेस्टारेंट संचालकों की शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। शिकायत के बाद अतिरिक्त राशि वसूलने वाले होटल और रेस्टारेंट संचालकों के खिलाफ कार्रवाही की जाएगी। जिसमें उनके खिलाफ भारी भरकर जुर्माना भी लगेगा। प्राधिकरण की ओर से आदेश जारी किया गया है कि अब कोई भी होटल और रेस्टारेंट संचालक ग्राहकों से बिल के अलावा कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं ले सकता है। ऐसा करने से एक ओर पारदर्शिता नहीं बनी रहती दूसरी ओर ग्राहकों के जेबों पर अतिरिक्त भार भी पड़ता है।
लागत व्यवसाय का हिस्सा
प्राधिकरण ने स्पष्ट कहा है कि एलपीजी, बिजली, गैस और अन्य परिचालन लागत व्यवसाय का हिस्सा हैं और इन्हें मेन्यू कीमत में शामिल करना ही सही तरीका है इन खर्चों को अलग से वसूलना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत अनुचित व्यापार माना जाएगा।
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